तृतीय प्रदेश स्तरीय पत्रकार सम्मान दिवस एवं संगोष्ठी 2017 के लिये आवेदन।

विश्व संवाद केंद्र (VSK) हरियाणा द्वारा पत्रकार जगत के लिए सम्मान के इस विशिष्ट दिवस ज्येष्ठ, कृष्ण द्वितीया (तदनुसार 12 मई इस वर्ष} के उपलक्ष्य में 13 मई शनिवार को आर्य कालेज, जीटी रोड, पानीपत में देवर्षि नारद जयंती समारोह… Continue Reading

पंजाब प्रांत सह संघचालक ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा जी का निधन

जालंधर (विसंकें). राष्ट्रीय स्ययंसेवक संघ पंजाब प्रांत के सह संघचालक ब्रिगेडियर (सेवानिवृत) जगदीश गगनेजा जी का आज सुबह निधन हो गया. 06 अगस्त, 2016 की शाम जालंधर के ज्योति चौक पर अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोलियां मार कर गंभीर रूप… Continue Reading

गुरु पूर्णिमा – गुरु के प्रति आभार का दिन

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु: गुरुर्देवो महेश्वर: । गुरु साक्षात् परम्ब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नम: ।। भारतीय संस्कृति में अनादिकाल से ही गुरु को विशेष दर्जा प्राप्त है. यहां गुरु-शिष्य परंपरा सदियों पुरानी है. हमारे यहां गुरु को ईश्वर से भी ऊंचा स्थान… Continue Reading

गुरु पूर्णिमा और संघ

अपने राष्ट्र और समाज जीवन में गुरुपूर्णिमा-आषाढ़ पूर्णिमा अत्यंत महत्वपूर्ण उत्सव है. व्यास महर्षि आदिगुरु हैं. उन्होंने मानव जीवन को गुणों पर निर्धारित करते हुए उन महान आदर्शों को व्यवस्थित रूप में समाज के सामने रखा. विचार तथा आचार का… Continue Reading

हरियाणा सिरसा में पोर्टेबल गोबर गैस प्लांट का शुभारंभ

सिरसा, हरियाणा (विसंकें). प्रदेश में गौरक्षा के लिए अब टोल फ्री नम्बर शुरु किया जाएगा. जिससे गौ तस्करी तथा गौ मांस खाने तथा बेचने वालों पर पाबंदी लग सके. हरियाणा गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष भानीराम मंगला ने स्थानीय चतरगढ़… Continue Reading

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ–एक परिचय

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ मनमोहन वैद्य संघ के कार्यकलाप, विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दे रहे है।

असंख्य प्रश्नों के उत्तर थे रज्जू भैया

किसी कविता संग्रह का शीर्षक था- लिखना कि जैसे आग. सच है, संभवत: अधिकांश लेखन को किसी न किसी गुण, किसी न किसी तत्व-गुण, रस या स्वभाव के साथ चिन्हित किया जा सकता है. लेकिन हमारे रज्जू भैया को नहीं.… Continue Reading

08 जुलाई / इतिहास स्मृति – टाइगर हिल पर फहराया तिरंगा

नई दिल्ली. पाकिस्तान अपनी मजहबी मान्यताओं के कारण जन्म के पहले दिन से ही भारत विरोध का मार्ग अपनाया है. जब भी उसने भारत पर हमला किया, उसे मुंह की खानी पड़ी. ऐसा ही एक प्रयास उसने 1999 में किया, जिसे ‘कारगिल युद्ध’ कहा जाता है.… Continue Reading