16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान के 93000 सैनिकों के साथ भारत के समक्ष किया था आत्मसमर्पण

विसंके, फरीदाबाद|  विजय दिवस 16 दिसंबर 1971 की पावन एवं गौरवमयी स्मृति में फरीदाबाद के सेक्टर 16 स्थित गुर्जर भवन में भारतीय स्वदेशी संगठन द्वारा राष्ट्र सेवा महायज्ञ का आयोजन किया गया | इसमें 46 विद्यालयों के लगभग 600 बच्चों सहित शहर के के अनेक गणमान्य नागरिकों  ने भाग लिया| भिन्न-भिन्न स्कूलों से आये बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया| सभी विजेता विद्यार्थियों को पुरष्कृत किया गया| इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहविभाग संघचालक डॉ. अरविन्द सूद ने मुख्य वक्ता के रूप सम्बोधित करते हुए कहा कि आज का दिन हर भारतीय के लिए गौरव का दिन है| क्योंकि 1971 में आज ही के दिन पाकिस्तान ने 93000 सैनिकों के साथ भारत के समक्ष आत्मसमर्पण किया था और पाकिस्तान के दो टुकड़े करके बांग्लादेश का निर्माण किया था | उन्होंने कहा कि विद्यार्थी ही राष्ट्र का भविष्य हैं और इनमें स्वदेशी की भावना जागृत रहने से ही देश का भविष्य उज्जवल होगा | देश का असल आर्थिक विकास स्वदेशी के अधिकाधिक प्रयोग से ही संभव है |  गुरुकुल इंद्रप्रस्थ से पधारे विशिष्ट अथिति आचार्य ऋषिपाल ने यज्ञ की महिमा व महत्व समझाते हुए कहा कि यज्ञ से मन, मस्तिष्क के साथ-साथ वातावरण का भी शुद्धिकरण होता है जो सभी जीवों के लिए अति आवश्यक है |  बड़खल विधानसभा से विधायिका सीमा त्रिखा मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित रही | कार्यक्रम संयोजक राकेश चौधरी ने बताया कि बच्चों में प्रतियोगिताओं के माध्यम से स्वदेशी की भावना जागृत करने के लिए संगठन हर वर्ष इस प्रकार का करता रहेगा| योगाचार्य देवराज आर्य सहित पंकज पराशर, जगदेव तिवारी, जितेंदर सिंघल, प्रेम बहल, विवेक गुप्ता, एडवोकेट राजेंद्र गोयल अनेक कार्यकर्त्ता कार्यक्रम में उपस्थित रहे|

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