10 साल से धरनारत किसानों को वापिस मिली 212 एकड भूमि भाकिसं के बैनर तले धरनारत थे किसान

विसंकें सोनीपत-मुआवजा नही उठाना है, जमींन को बचाना है इस नारे को सच साबित करके दिखाया बडखालसा गांव उन सैकडों किसानों ने जो लगातार  2005 से भारतीय किसान संघ के बैनर तले धरनारत है
2005 में तत्कालीन मुख्यमंेत्री भूपेंद्र सिंह हुडडा ने राजीव गांधी एजूकेषन सिटि के निर्माण के लिए 9 गांव के किसानों की जमींन का अधिग्रहण किया गया था, जिसमें से बडखालसा भी उनमें षामिल था, बडखालसा गांव की 282 एकड जमींन थी, जिसमें मात्र 70 एकड भूमि का मुआवजा ग्रामीणों ने उठा लिया था
लेकिन बांकि किसान संघर्शरत रहें ओर अपने हक की लडाई को जारी रखा, तत्कालीन मुख्यमंत्री ने किसानों को बडे- बडे प्रलोभन भी दिखाएं लेकिन सरकार की एक ना चली,
इसी एवज में वर्तमान मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने जब किसानों को बातचीत के लिए बुलाया तो किसानों के संघर्श को देखकर मुख्यमंत्री किसानों की जमींन को अधिग्रहण क्षेत्र से मुक्त कर किसानों को उनकी जमींन वापिस कर दी जिसकी औपचारिक घोषणा जिला उपायुक्त के एम पांडुरंग गांव में आकर कर दी;
बडखालसा धरना संयोजक एवं  भारतीय किसान संघ के प्रान्त  महामंत्री विरेंद्र बडखालसा ने बताया कि शुरुआत से किसान संघ इस नारे को लेकर आगे बढा की जमींन का मुआवजा नही उठाना है, जमींन को बचाना है, जिसकी अंत में उनकी जीत हुई

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