​देवर्षि नारद ने हमेशा ही जन कल्याण के लिए कार्य किया : पालीवाल

–विश्व संवाद केंद्र ने किया पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन

विसंके, रोहतक। सामाजिक समरसता मंच के प्रांत सह-संयोजक मंजुल पालीवाल ने कहा कि देवर्षि नारद हमेशा ही जन कल्याण के लिए काम करते थे लेकिन आज समाज में देवर्षि नारद के प्रति लोगों में गलत धारणा बनी हुई है। मीडिया के प्रति भी समाज में ठीक इसी प्रकार की धारणा पैदा हो रही है। जबकि मीडिया तो लोगों को जागरूक कर समाज निर्माण का काम करने वालों की अग्रीम पंक्ति में है। पालीवाल रविवार को चिन्योट कॉलोनी स्थित कैलाश भवन में देवर्षि नारद जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित जिला स्तरीय पत्रकार सम्मान समारोह को बतौर मुख्यवक्ता संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर ग्रीन हरियाणा समाचार पत्र के प्रधान संपादक आशुतोष कौशिक ने शिरकत की तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार सोमनाथ शर्मा ने तथा मंच संचालन आकाशवाणी रोहतक के वरिष्ठ उद्घोषक संपूर्ण सिंह ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में मौजूद पत्रकारों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित भी किया गया।
पालीवाल ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और समाज के प्रति पत्रकार के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसलिए पत्रकार को देशहित व समाजहित को ध्यान में रखकर समाचार लिखना चाहिए। पत्रकार को लोगों को न्याय दिलवाने तथा समस्याओं के समाधान के लिए पत्रकारिता करनी चाहिए। इलैक्ट्रोनिक व सोशल मीडिया की बजाए प्रिंट मीडिया की आज भी बड़ी विश्वसनीयता है। इस विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए पत्रकार को निष्पक्ष होकर तथ्य के आधार पर ही समाचार लिखना चाहिए। पत्रकारिता व्यवसाय नहीं बल्कि यह एक मिशन है और पत्रकार को इस मिशन में निस्वार्थ व निष्पक्ष होकर अपना योगदान देना चाहिए। हमें देवर्षि नारद के जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढऩा चाहिए। आशुतोष कौशिक ने कहा कि पत्रकार एक अभिनेता की तरह होता है। जिस तरह फिल्म में अभिनेता की मुख्य भूमिका में होता है उसी तरह पत्रकार समाचार का अभिनेता होता है। पत्रकार कभी नकारात्मक नहीं होता क्योंकि पत्रकार सामाजिक सरोकार के साथ जुड़ा होता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार सोमनाथ शर्मा ने कहा कि पत्रकार को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। पत्रकार की तो हर रोज परीक्षा होती है। पत्रकार को संपादक व जनता दोनों को ही जवाब देना पड़ता है। पत्रकार के साथ सबसे बड़ी विड़ंबना यह है कि वह समाज की समस्याओं को तो दिखा सकता है लेकिन अपनी स्वयं की समस्या के समाधान के लिए कुछ नहीं कर सकता। कार्यक्रम में काफी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगाण के साथ किया गया।

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