हर गांव में लगे संघ की शाखा: पवन जी जिंदल

manesarman-1
विश्व संवाद केंद्र मानेसर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहप्रांत  संघचालक माननीय  पवन जिंदल ने कहा है कि हर गांव में संघ की शाखा लगाना और हर बच्चे को भारतीय संस्कारों से परिपूर्ण करना स्वयंसेवक का लक्ष्य होना चाहिए। इसी लक्ष्य से हम अपने देश को विकास की राह पर ले जाने के साथ-साथ विश्वगुरू बना सकते हैं। जिंदल रविवार को मानेसर जिले में पथ संचलन से पूर्व आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
सेक्टर एक के बड़ा पार्क में उपस्थित सैंकड़ों स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए पवन जी  ने कहा कि वर्ष 1925 में संघ की स्थापना सकारात्मक सोच के साथ हुई थी कि एक दिन भारत को विश्व गुरू बनाना है और इसी उद्देश्य से संघ आगे बढ़ता जा रहा है। संघ का स्वयं सेवक अपना जीवन केवल इसलिए संर्पित कर देता है कि उसका देश और उसकी विकासशील परंपराएं सदा जीवत रहे। जब एक स्वयंसेवक रोजाना शाखा पहुंचता है तो उसके दिमाग में उक्त लक्ष्य ही रहता है कि वह अपने परिवार का पालन पोषण करते हुए समाज के उत्थान के लिए काम करें। पाश्चात्य संस्कृति की भेंट चढ़े संस्कारों और परंपराओं को आने वाली पीढ़ी में स्थापित करने के लिए स्वयं सेवकों को हर गांव में शाखा लगानी होगी। उन्होंने  कहा कि देश को तोडऩे वाली ताकतें सदा प्रयास करती हैं, लेकिन ये ताकतें कभी अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाएगी। क्योंकि स्वयंसेवक ऐसी ताकतों से पहले भी लड़ता रहा है और भविष्य में भी देश हित में ऐसी ताकतों से टकराता रहेगा। जबकि मंच का संचालन देशराज जी  ने किया। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने सबसे पहले गुरू के प्रतिक भगवध्वज को प्रणाम किया और इसके बाद सुभाषित व देश भक्ति के गीत गाए तथा भारत माता की जय के नारे लगाए।
इस कार्यक्रम के उपरांत सैंकड़ों स्वयंसेवक नए गणवेश में पथ संचलन करते हुए मानेसर गांव, आईएमटी मानेसर, नेशनल हाईवे 8 पर होते हुए सेक्टर एक स्थित कार्यक्रम स्थल बड़ा पार्क पहुंचे। विशेष बात यह है कि संघ की दृष्टि से पहली बार मानेसर को भी जिले का दर्जा दिया गया है और जिला बनने के बाद पहली बार पथसंचलन और पहली बार ही नई ड्रेस में स्वयंसेवकों ने इतनी बड़ी संख्या में संचलन निकाला है। संचलन करते स्वयं सेवकों पर जगह-जगह फूलों से वर्षा की गई। जहां -जहां से स्वयं सेवक कदमताल करते हुए गुजरे, महिला-पुरुषों व बच्चों ने उन पर पुष्प डालकर उनका स्वागत किया।

man-2

editor1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *