सामाजिक स्वतन्त्रता कायम रखकर ही हम दे सकते हैं शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि : भाटिया

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से दी शहीद चंद्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि
विश्व संवाद केंद्र, हरियाणा। राजनीतिक स्वतन्त्रता से ज्यादा जरुरी है सामाजिक स्वतन्त्रता। समाज में सभी जातियां व समुदाय के लोग दूध में चीनी की तरह मिलकर रहें तो सही मायनों में अमर बलिदानी एवं युवाओं के प्रेरणास्रोत चंद्रशेखर आजाद के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उक्त विचार हरियाणा खेल परिषद् के उपाध्यक्ष एवं शूटिंग के अंतर्राष्ट्रीय कोच दीप भाटिया ने नगर निगम सभागार फरीदाबाद में सामाजिक समरसता मंच द्वारा चंद्रशेखर आजाद बलिदान दि

कार्यक्रम में प्रस्तुति देते कलाकार।

वस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता व्यक्त किये। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर उद्योगपति अतुल गर्ग ने शिरकत की। इस अवसर पर मंच के कार्यकर्ताओं तथा अग्रवाल कॉलेज बल्लबगढ़ के विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गए। इस अवसर पर ओ.पी. धामा, राष्ट्रीय सिख संगत के प्रधान रविंद्र सिंह राणा, अधिवक्ता एस.एन. त्यागी ने भी शहीद चं

कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य लोग।

द्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि देते हुए अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी राजेंद्र बंसल ने की। इस मौके पर मंच के संयोजक, कर्नल समर सिंह, अरुण त्यागी, संजय जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्त प्रचारक सुधीर जी, विभाग कार्यवाह राकेश त्यागी जी सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। युवाओं व महिलाओं की उपस्थित भी बहुत अच्छी रही

कलाकारों को सम्मानित करते मुख्यातिथि।

हवन कर की विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना
शहीद चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर विद्यार्थियों के परीक्षाओं में अच्छे अंक से उत्तीर्ण होने की मंगलकामना को लेकर शाखा चंद्रशेखर आजाद, विवेकानंद नगर, गुरुग्राम क्षेत्र के लोगों द्वारा एक हवन का आयोजन किया गया। सभी गणमान्य लोगों व स्वयंसेवकों ने हवन में आहुति देकर विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए मंगलकामना की।
इस दौरान महानगर सायं कार्यवाह सुभाष जी ने विद्यार्थियों को परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने के लिए विद्यार्थियों को सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करने, पढ़ाई के साथ-साथ सुबह सैर करने, नकल का सहारा नहीं लेने तथा परीक्षा में जाने से पूर्व बड़े बुजुर्गों से आशीर्वाद लेने के लिए प्रेरित भी किया गया। हवन में ६५ स्वयंसेवकों ने भाग लिया।

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