सरल व सहज होनी चाहिए समाचार की भाषा

पत्रकारिता कार्यशाला के दूसरे दिन विद्यार्थियों को सिखाई समाचार लेखन की बारीकियां

विसंके, कुरुक्षेत्र। जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा पत्रकारिता कार्यशाला के दूसरे दिन समाचार लेखन एवं पत्रकारिता के विभिन्न क्षेत्रों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में पांचजन्य के संयुक्त संपादक जगदीश उपासने ने समाचारों की भाषा विषय पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि समाचार लेखन में सबसे महत्वपूर्ण तथ्यों की ध्यान देना है। सोलहवीं शताब्दी से चला आ रहा है अखबारों का बुनियादी काम सूचना देना है परंतु आज इसका स्वरूप बदलता जा रहा है। समाचार लिखना कठिन भी है और आसान भी है परन्तु समाचार की एक भाषा है और यह आमजन को समझ में आ सके उस रूप में प्रयुक्त होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि मीडिया के स्वरूप बदल जाएं परंतु भाषा सरल व सहज ही होनी चाहिए। समाचारों के तथ्य चीजों को विश्लेषित करते हैं। समाचारों में वस्तुनिष्ठता होनी चाहिए। पत्रकारिता कला भी है एवं विज्ञान भी क्योंकि पत्रकारिता का कार्य सत्य की खोज करना है। समाचार के इंट्रो पर निर्भर करता है कि पाठक उसे पढ़ेगा या नहीं। उन्होंने कहा कि खबर बाढ़ की तरह बढ़नी चाहिए। हर व्यक्ति में एक पत्रकार छिपा है, उसे पहचानने की आवश्यकता है। खबरों का उद्देश्य है हर व्यक्ति पर सकारात्मक प्रभाव पड़े। समाचार पत्र लोक जागरण, बंधुत्व समाज की शक्ति को एकत्रित करना एवं संगठित करना है। वर्तमान समय में डिजिटल विश्व हमारे सामने खड़ा है परंतु समाचार पत्र आज भी जानकारी एक बड़ा केंद्र हैं। भारत दुनिया में एकमात्र ऐसा देश है जहां सबसे ज्यादा अखबार बिकते हैं और पढ़े जाते हैं।

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