समाज सबल होगा तो राष्ट्र भी सबल होगा – सीता राम व्यास जी

हिसार (विसंकें). स्थानीय ठाकुरदास भार्गव सीसे स्कूल में चल रहा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हरियाणा प्रांत का 20 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग, प्रथम वर्ष (सामान्य) मंगलवार को संपन्न हो गया. समारोप कार्यक्रम में 650 शिक्षार्थियों द्वारा शारीरिक प्रदर्शन किया गया. समारोप कार्यक्रम की अध्यक्षता नव भारत ऑयल मिल्स, हिसार के विनोद कुमार जी गर्ग ने की. इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्र के कार्यवाह सीताराम जी व्यास मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे. मंच पर प्रांत संघ चालक मेजर करतार सिंह, वर्गाधिकारी डॉ. श्याम नारायण मिश्रा उपस्थित रहे.

सीताराम व्यास जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना एक विचार और एक सिद्धांत को लेकर डॉ. हेडगेवार जी ने की थी और आज वही विचार पूरे विश्व में मान्य हो गया है. भारत एक हिन्दू राष्ट्र है और हिन्दू राष्ट्र रहेगा. दुनिया में भारत की इसी नाम से पहचान है. सीताराम व्यास जी ने शाखा के महत्व के बारे में बताया कि शाखा व्यक्ति का निर्माण करती है, यदि व्यक्ति का निर्माण होगा तो समाज का निर्माण होगा और समाज सबल होगा तो राष्ट्र भी सबल होगा. उन्होंने संघ द्वारा शिक्षा, साहित्य, श्रम, किसान, कर्मचारी वर्ग आदि में कार्यरत 45 संगठनों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में 1,65,000 सेवा प्रकल्प चलाये जा रहे हैं. उन्होंने हिन्दू समाज के समक्ष आई चुनौतियों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, लव जेहाद, सांस्कृतिक प्रदूषण, समलैंगिकता आदि आज हिन्दू समाज के सामने मुख्य चुनौतियां हैं, जिन्हें संघ समाप्त करने का निरंतर प्रयास कर रहा है. संघ ने समाज की दृढ़ता और एकता के लिए 5 विषयों पर मुख्य रूप से सघन कार्य प्रारम्भ किया है. संघ – ग्राम विकास, गौ विकास, धर्म जागरण, सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन पर विस्तार से कार्य कर रहा है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति के सहभागी बनने की आवश्यकता है.

DSC_0072वर्ग कार्यवाह डॉ. सोमेश्वर दत्त ने प्रशिक्षण वर्ग के सन्दर्भ में बताया कि वर्ग में हरियाणा प्रान्त के 21 जिलों से 631, गुजरात, महाराष्ट्र तथा राजस्थान प्रान्तों से आए 19 शिक्षार्थियों सहित कुल 650 शिक्षार्थी, 54 शिक्षक, तथा 84 प्रबंधक उपस्थित रहे. प्रात: 4 बजे से रात्रि 10 बजे तक प्रतिदिन की दिनचर्या में शिक्षार्थियों ने कठिन शारीरिक परिश्रम किया है. वर्ग में प्रतिदिन प्रातः 4:45 पर दीप प्रज्ज्वलन से दिनचर्या प्रारम्भ होती, जिसमें नगर से 2- 3 प्रतिष्ठित महानुभाव रहते थे. इस प्रकार 60 से अधिक महानुभावों की सहभागिता रही.

22 गांवों  व 6500 से अधिक घरों से आया भोजन

डॉ. मिश्रा ने बताया कि वर्ग में स्थानीय कार्यकर्ताओं ने वर्ग में भाग ले रहे प्रत्येक कार्यकर्ता व शिक्षार्थी के लिए रोटी की व्यवस्था घरों से की थी. पूरे नगर को 22 बस्तियों में बांटा गया था. हर बस्ती व गांव का दिन तय किया गया था. दोपहर भोजन हेतु रोटी, निश्चित गांव से आती थी और रात की रोटी निश्चित बस्ती से आती थी. यह सामाजिक समरसता व सेवा का अनूठा प्रकटीकरण था, जिसकी चर्चा लम्बे समय तक बनी रहेगी. इसी वर्ग में परिवारों से सम्पर्क के लिए रखे गए मातृहस्ते भोजन पर 300 परिवार एक साथ भोजन लेकर आए और शिक्षार्थियों के साथ सामूहिक भोजन किया.

झलकियां –

1).समापन समारोह में 40 मिनट तक शारीरिक कार्यक्रम हुए, जिनमें दण्ड, दण्ड युद्ध, योगासन, खेल, नियुद्ध (कराटे), व्यायाम योग, आसन, सूर्य नमस्कार आदि का प्रदर्शन किया गया. शरीरिक प्रदर्शन में

योगासन, सूर्यनमस्कार अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस को समर्पित किया गया .

2).साहित्य का स्टॉल लगाया गया, जिसमें देशभक्तों की जीवनियां व राष्ट्रीय महत्व के विषयों की पुस्तकें खरीदने में लोगों ने विशेष रूचि दिखाई

3).पूरे परिसर को विभिन्न प्रकार की रंगोलियों से सजाया गया

4).काबरेल गौ अनुसन्धान केंद्र की और से लगाये गए बिक्री केंद्र पर पंचगव्य उत्पादों की खूब बिक्री हुई

5).घोष वादकों ने छत्रपति शिवाजी के राज्याभिषेक के समय कविवर भूषण ने जो कविता गाई थी, उस कविता पर बनी शिवराज धुन – त्वां नमामि शिव नृपाल संततं स्मरामि ते, विशुद्ध शीलं अखिल विश्व वन्द्य भूपते – बजाकर अतिथियों का स्वागत किया. विभिन्न प्रकार की भारतीय रचनाएं बजाते हुए 64 वादकों के घोष दल ने समां बांधा.

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