समाज को जहर से मुक्ति दिलवाने के लिए प्राकृतिक खेती ही एकमात्र उपाय : आचार्य

कहा, फसलों में अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों से फैल रही हैं जानलेवा बीमारियां
विसंक| हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्राकृति तौर से खेती शुरू कर किसान कम लागत में अच्छा उत्पादन ले सकते हैं और इस पद्धति से खेती करने से उत्पादन की गुणवत्ता में भी काफी सुधार होगा। रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों से पनपने वाली बीमारियों से समाज को मुक्ति दिलवाने के लिए प्राकृतिक खेती ही एकमात्र उपाय है।
आचार्य देवव्रत शाहजहांपुर स्थित निगानिया विद्या मंदिर में चल रहे पांच दिवसीय जीरो बजट प्राकृति कृषि कार्यशाला में मौजूद किसानों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उनके साथ दिल्ली और हरियाणा के स्वदेशी मंच के संयोजक कमलजीत भी मौजूद रहे। आचार्य देवव्रत ने किसानों को देशी गायों को बचाने का आग्रह करते हुए कहा कि पूर्ण की कंपनी द्वारा कुरूक्षेत्र के गुरूकुल में एक नई प्रणाली के द्वारा एक क्रांतिकारी परिवर्तन की शुरूआत कर दी गई है, जिसके माध्यम से हम अपनी देशी गायों से अपनी भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ा सकते हैं। आचार्य ने प्राकृति खेती को बढ़ावा दे रहे सुभाष पालेकर से आह्वान करते हुए कहा कि वह अपने जैसे कृषि के हजारों शिक्षक तैयार करें ताकि अधिक से अधिक किसानों का रूझान प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि हमारी आने वाली पीढिय़ों को अच्छा स्वास्थ्य व स्वच्छ वातावरण मुहैया करवाना है तो किसानों को कीटनाशकों व रासायनिकों के अंधाधुंध प्रयोग को छोडक़र प्रकृति खेती को अपनाना होगा।

कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करते हिमाचल के राज्यपाल देवव्रत।

 

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