समाज की चिंता करने का काम संघ के स्वयंसेवक करते हैं – विलास जी गोले

भोपाल (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भोपाल में रविवार से नए गणवेश (पेंट) की बिक्री शुरू हो गई. पीपुल्स मॉल में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में भोपाल विभाग के 3300 स्वयंसेवकों की उपस्थिति में प्रांत संघचालक सतीश पिंपलीकर जी और प्रांत सह संघचालक अशोक पाण्डेय जी ने शुभारंभ किया. इससे पूर्व क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख विलास जी गोले ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया.

एकत्रीकरण को संबोधित करते हुए क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख विलास गोले जी ने कहा कि अनुशासन व समानता के लिए गणवेश आवश्यक है और समाज के बदलते परिवेश में संघ ने समय-समय पर गणवेश में परिवर्तन किया है. स्वयं कमाना और अपना पेट भरने का काम तो पशु-पक्षी भी करते है, किन्तु स्वयं की सुख सुविधा का त्याग कर समाज की चिंता करने का काम संघ के स्वयंसेवक करते हैं. उन्होंने कहा कि लोग पूछेंगे कि संघ ने संघ की पहचान नेकर को क्यों बदल दिया तो संघ नेकर में नहीं है, संघ तो स्वयंसेवकों के व्यवहार में दिखाई देता है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रतिनिधि सभा (2016) की बैठक में संघ के गणवेश में खाकी नेकर की जगह ब्राउनी कलर की फुलपेंट व खाकी मोजे की जगह फुलपेंट के कलर के मोजे को मंजूरी दी थी. इसी नए गणवेश को सब स्वयंसेवकों तक पहुंचाने के लिये संघ ने आगामी 23 अक्टूबर को एक विशाल पथ संचलन निकालने की योजना बनाई है. इसी के तहत रविवार को पीपुल्स मॉल में प्रातः 8.30 बजे विभाग का एकत्रीकरण रखा था, जिसमें लगभग 3300 स्वयंसेवकों ने भाग लिया. कार्यक्रम के अंत में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने गणवेश की पेंट खरीदी.

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