शास्त्रीय संगीत ही हमें ईश्वर से जोड़ता है : सुमित्रा

सात दिवसीय संगीत कार्यशाला का किया आयोजन 

फरीदाबाद, विसंके। संस्कार भारती के तत्वावधान में चल रही सात दिवसीय संगीत कार्यशाला का समापन समारोह वाई.एम.सी.ए. फरीदाबाद में संपन्न हुआ। पद्मश्री विदुषी सुमित्रा गुहा के सानिध्य में कार्यशाला का चली। कार्यशाला में बच्चों को शास्त्रीय संगीत के गुर सिखाये गए। भारत में यह उनकी दूसरी और हरियाणा में पहली कार्यशाला रही। इससे पहले वह पंजाब यूनिवर्सिटी में इस तरह की कार्यशाला के द्वारा शास्त्रीय संगीत सिखा चुकी हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं स्वर साधना, फरीदाबाद के बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ।

इस मौके पर सुमित्रा ने सभी शिष्यों को संबोधित करते हुए कहा की उनके जीवन का एकमात्र उद्देश्य शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देना है। अधिक से अधिक लोग शास्त्रीय संगीत सीखें क्योंकि शास्त्रीय संगीत ही हमें ईश्वर से जोड़ता है। शास्त्रीय संगीत भाव एवं भक्ति प्रधान है। जो संगीत हमें परमात्मा से नहीं जोड़ता वह संगीत ही नही है।
वाई.एम.सी.ए. फरीदाबाद में चल रही इस कार्यशाला में कुल 36 बच्चों ने भाग लिया जिन  में से 18 बच्चें वाई.एम.सी.ए. फरीदाबाद के “तरन्नुम” ग्रुप के थे और बाकी 18 संगीत प्रेमी अपने व्यक्तिगत स्तर पर सीखने आए। समापन के दौरान संस्कार भारती के उत्तर क्षेत्र प्रमुख सतीश पालिवार ने सुमित्रा को पुष्प भेंट कर धन्यवाद किया। इसके साथ ही संस्कार भारती की भरतमुनि इकाई के अध्यक्ष महेश गुप्ता ने सुमित्रा को भारत माता का चित्र देकर सम्मानित किया। इस कार्यशाला के संयोजक सुमन चटर्जी व सह- संयोजिका एकता रमन ने उपस्थित सभी कला प्रेमियों को आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में संगीत सिखती छात्राएं

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