शक्ति की आराधना हिंदू चरित्र का हिस्सा : डॉ. जैन

विसंके, रोहतक। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, रोहतक द्वारा विजयदशमी उत्सव पर पथसंचलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वकर्मा स्कूल के प्रांगण में किया गया। घोष की संगीतमय धुनों पर गणवेश पहने संघ के स्वयंसेवक कदम से कदम मिलाकर संचलन करते हुए बाजार में निकले। पथ संचलन  शिवाजी कालोनी झज्जर चुंगी और पूर्वी जनता कालोनी होते हुए वापिस विश्वकर्मा स्कूल के प्रांगण सम्पन्न हुआ ।
संघ स्थापना के 92 वर्ष पूर्ण होने पर कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महासचिव डॉक्टर सुरेंद्र जैन ने दशहरे के दिन होने वाले शस्त्र पूजन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज ही के दिन भगवान राम ने रावण को परास्त करके धर्म की अधर्म पर विजय स्थापित की थी लेकिन परास्त करने से पूर्व भगवान राम ने भी शक्ति की आराधना की थी। क्योंकि शान्ति का आधार ही शक्ति है। इससे पूर्व के इतिहास में जाए तो मा दुर्गा ने महिसासुर नामक राक्षस का मर्दन किया था और अधर्मी को सही दंड देकर धर्म राज्य की स्थापना की थी माँ शक्ति का अवतरण संगठन शक्ति का उत्तम उदाहरण है क्योंकि जब सभी देवी-देवताओं ने अपने सभी शस्त्रों और शक्तियों का सामूहिक रूप से समर्पण किया और माँ की आराधना की, तब मन शक्ति के रूप में अवतरित हुई। शक्ति की आराधना हिंदू चरित्र का हिस्सा है। आज हिंदुओं की बढ़ती हुई शक्ति का ही परिणाम है कि आसाम में हिंदू विरोधी वातावरण समाप्त हो चुका है। बंगाल में भी हिंदुत्व की एक ज़बरदस्त लहर तूफ़ान का रूप धारण करने वाली है। रोहिंग्या मुस्लिम घुसपैठियों के सम्बंध में डॉक्टर जैन ने केंद्र सरकार के रूख का समर्थन किया। बांग्लादेश में रोहिंग्या मुस्लिम शरणार्थी जिस तरह हिंदुओं पर अत्याचार के रहे हैं, उनकी महिलाओं को सेक्स स्लेव बनाकर रखते हैं, इससे स्पष्ट होता है की इनका कोई मानवीय चेहरा नहीं है। उन्होंने कहा की गोसेवा और गौरक्षा हिंदू समाज का हमेशा से संकल्प रहा है। हिन्दू विरोधी संगठनों और मीडिया के किसी भी दुष्प्रचार  के कारण गौरक्षा का काम रुकने वाला नहीं है। अगर क़ानून का पालन किया जाए तो किसी  भी गौरक्षक को सड़क पर उतरने की ज़रूरत नहीं है। डॉ. जैन ने बताया कि आज ही के दिन नागपुर में परम पूजनीय डॉक्टर केशवराव बलिराव हैडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। डॉ. हेडगेवार संगठित ओर समरस समाज बनाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने अपना जीवन देश के कार्य के लिए लगा दिया था। उन्ही की परंपरा को आगे बढ़ते हुए कार्यकर्ताओं के समर्पण और अथक मेहनत से आज संघ का कार्य देश मे 50 हजार से अधिक स्थानों पर हो गया है। 1.75 लाख से अधिक सेवा कार्य चलाए जा रहे हैं। इस उपलक्ष में  इसमें लगभग दो सौ कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। रोहतक के नागरिकों ने संचलन का भरपूर स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संघचालक देवेंद्र गोयल ने की। क्षेत्र कार्यवाह सीताराम व्यास, नगर संघचालक सुरेश गोयल, विहिप, सेवाभारती, स्वदेशी जागरण मंच और वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारियों सहित ने पुराने कार्यकर्ता कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

editor1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *