वंदे मातरम् व भारत माता के जयघोषों से गूंजा स्टेडियम 

1917 स्वयंसेवकों ने भगवा ध्वज लगाकर दिया शांति एवं देशभक्ति का संदेश

84 गांवों की 107 शाखाओं से स्वयंसेवकों ने लिया जिला एकत्रीकरण कार्यक्रम में हिस्सा

समाज में सामाजिक समरसता एवं सद्भाव की आवश्यकता: प्रो. व्यास

विसंके, कुरुक्षेत्र|  सफेद कमीज एवं खाकी पेंट पहने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों की जोशीली वाणी में वंदेमातरम् एवं भारत माता की जय के नारों से द्रोणाचार्य स्टेडियम गूंज उठामौका था जिला एकत्रीकरण कार्यक्रम का। कार्यक्रम में 1917 स्वयंसेवकों ने 65 भगवा ध्वज लगाकर शांति एवं देशभक्ति का संदेश दिया। प्रातः पूर्वाभ्यास के बाद आयोजित मुख्य कार्यक्रम में 805 अनुशासनबद्ध स्वयंसेवकों ने शारीरिक योगाभ्यास एवं खेल में जौहर दिखाए। 84 गांवों की 107 शाखाओं से स्वयंसेवक द्रोणाचार्य स्टेडियम में एकत्रित स्वयंसेवकों ने खेलों से लेकर शारीरिक योगाभ्यासप्रार्थना एवं मंत्रोच्चारण के बीच सूर्य नमस्कार किया। 51 मंडलों से पहुंचे स्वयंसेवकों ने सामूहिक रूप से ध्वजारोहण किया।
जिला एकत्रीकरण कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय कार्यवाह प्रोफेसर सीताराम व्यास ने बतौर मुख्य वक्ता के तौर पर शिरकत की।

उन्होंने कहा कि आज सामाजिक समरसता एवं सद्भाव की आवश्यकता है। सभी को व्यवहार में समरसता लानी होगी। छुआछुत गलत है। हमारा संगठन एक तालाबएक मंदिर एवं एक श्मशान  के विचार को मानता है। समाज को जगाकर समरसता लाने का निरन्तर प्रयास करना होगा। संघ के स्वयंसेवक को इसमें अहम भूमिका निभानी है। उन्होंने स्वयंसेवकों को आह्वान किया आज समाज में समुद्रमंथन का समय है और इस समय विशेष रूप से धैर्य एवं संयम बनाए रखने की भी आवश्यकता है। साथ ही समय की अनुकुलता भी है| इसलिये अधिक सावधानी रखना भी जरूरी है। समाज को संघ से अपेक्षाएं बहुत हैं| इसलिए ध्यानपूर्वक जीवन में शुद्ध आचरण बनाए रखना होगा। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक के लिए प्रमाणिकता का विशेष महत्व है। प्रमाणिकता के जरिये ही समाज संगठित होगा और जागरूकता आएगी। गांवों व बस्ती को समाज परिर्वतन के साथ जोड़ना होगा। इस मार्ग पर बहुत सी बाधाएं और समस्याएं आएंगीहानि भी उठानी पड़ेगीपरन्तु संघ के स्वयंसेवक अपने राष्ट्र और समाज की हानि नहीं होने देंगे। सभी कार्यकर्ताओं को सामाजिक समरसता के उद्देश्य से कार्य करना हैक्योंकि संघ का उद्देश्य सामाजिक समरसता स्थापित कर अपने राष्ट्र को परम् वैभव की स्थिति में लाना है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र का विकास देश के समर्पित राष्ट्रभक्त युवाओं द्वारा ही संभव है। स्वयंसेवक राष्ट्र को ही सब कुछ मानकर जीता है। इस प्रकार राष्ट्रसेवा में अपना तनमनधन सर्वस्व अर्पण करने वाले स्वंयसेवकों पर यह देश गर्व करता है। यही नहींअपितु स्वंयसेवक अपने व्यवहार तथा आचार- विचार से अपनी एक अलग ही पहचान बनाता है। उन्होंने कहा कि शाखा व्यक्ति का निर्माण करती हैयदि व्यक्ति का निर्माण होगा तो समाज का निर्माण होगा और समाज सबल होगा तो राष्ट्र भी सबल होगा। संघ की शाखा राष्ट्र को सबल बनाने वाले ऐसे ही कार्यकर्ताओं की निर्माणशाला है। इस अवसर पर संघ के विभिन्न संगठनों यथा स्वदेशी जागरण मंचसेवा भारतीविश्व हिंदू परिषदभारत विकास परिषदभारतीय मजदूर संघसंस्कार भारती के कार्यकर्ता भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में विशेष रूप से विभाग प्रचारक नरेंद्र कुमारविभाग प्रचार प्रमुख श्यामजिला विभाग सह-कार्यवाह डॉ. प्रीतम सिंहजिला कार्यवाह डॉ. ऋषिपालसहजिला कार्यवाह संजीव कुमारधर्म जागरण मंच के प्रांत संयोजक अशोक कुमार,  डॉ. दलीप कुमारडॉ. दिनेश राणाडॉ. तेजेन्द्र शर्मा व डॉ. बंसीलाल सहित बड़ी संख्या में स्वयं सेवक मौजूद रहे|   

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