युवाओं को जागरूक होकर समाज निर्माण में देना होगा योगदान: नंदकुमार

अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नंदकुमार जी ने कहा कि एक स्वयंसेवक स्वयं को परिवर्तित करते हुए जहां रहता है वहां आस-पास अपने प्रयासों से परिवर्तन लाता है। नंदकुमार जी रोहतक के वैश्य इंजीनियरिंग काॅलेज में आयोजित दो दिवसीय जाॅइन आर.आर.एस. के प्रांत स्तरीय शिविर को संबोधित कर रहे थे। शिविर में 360 शिविरार्थियों ने भाग लिया। शिविर का शुभारंभ संघ के क्षेत्रा कार्यवाह सीताराम जी व्यास ने किया। उद्घाटन सत्रा में शिविरार्थियों को संघ की पृष्ठ भूमि एवं वर्तमान में संघ की प्रासंगिकता, राष्ट्र उन्नति में नागरिक की भूमिका, सेवा कार्य, वर्तमान भारत की समस्याएं व समाधन, सामाजिक समरसता व सद्भाव आदि विषयों पर स्वयंसेवकों को बारिकी से जानकारी दी गई। प्रान्त प्रचारक सुधीर जी, सह प्रान्त प्रचारक विजय जी, अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नंदकुमार जी, कृष्ण जी सिंघल, क्षेत्रा प्रचार प्रमुख सीताराम जी व्यास ने शिविरार्थियों की जिज्ञासा का समाधन किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में पौध रोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूजा-अर्चना कर संस्थान के प्रांगण में पौ लगाए गए।
नंदकुमार जी ने संघ की प्र

शिविर को सम्बोधित करते अधिकारी

मुख पांच गतिविधियिों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कुटुंब प्रबोधन, ग्राम विकास, गौसंरक्षण, सामाजिक समरसता, धर्म जागरण जैसी गतिविध्यिों के माध्यम से ही समाज परिवर्तन की गति बढ़ेगी। शाखा में स्वयंसेवक के व्यक्तित्व का निर्माण हो जाता है लेकिन यह परिवर्तन कुटुंब तक पहुंचे उसके लिए कुटुंब प्रबोधन की आवश्यकता है, जिससे पूरा परिवार सामाजिक व नैतिक रूप से जागरूक होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सके। भारत शक्ति गांवों में निहित है अतः गांवों में युवा शक्ति को ग्राम विकास में लगाना होगा। गांवों को आर्थिक रूप से समृ( करने के लिए गांवों में कुटीर उद्योग-ध्ंधें को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि गाय भारतीय जनमानस के लिए आदि काल से ही न केवल पूज्यनीय रही है बल्कि आर्थिक रूप से सम्रद्धि दायक रही है। अतः आज देशी गाय के संरक्षण और संवधर्न की आवयश्कता है। विकसित समाज में अस्पृश्यता अभिशाप के समान है। अतः इस भेदभाव को दूर कर समरस समाज की रचना हो ऐसा सभी को प्रयास करना चाहिए। धर्म जागरण के महत्व को बताते हुए कहा कि जब धर्मान्तरण करने वाले हिंदू धर्म को छोड़कर ईसाई या मुस्लिम बनते हैं तो वो धर्म बदलने के साथ ही उनकी राष्ट्र भक्ति भी खत्म हो जाती है। अतः धर्म जागरण गतिविधियों के माध्यम से ऐसे भटके हुए भाइयों की घर वापसी सुनिश्चित कराई जाती है। भारत माता वंदन कार्यक्रम के दौरान रामकृष्ण

शिविर में मौजूद स्वयंसेवक

मौर्य जी द्वारा संगीतमय प्रस्तुति के साथ भारत माता के चित्रा बनाये गए। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रप्रेम, युवाओं की शक्ति जैसे विषयों को मनोरंजन के साथ उत्कृष्ट ढंग से प्रस्तुत किया। शिविर के दौरान नशा मुक्ति, जल एवं पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, सोशल मीडिया के सदुपयोग, जैविक खेती, गौ सेवा के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।

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