यमुनानगर में हुआ प्राथमिक वर्ग का समापन

विश्व संवाद केंद्र, यमुनानगर, 4 जनवरी ( )गांव हाफिजपुर के महार्षि विद्यामङ्क्षदर के प्रागंण में 27 दिसम्बर से 3 जनवरी तक चल रहा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का प्राथमिक शिक्षा वर्ग सफलता पूवर्क सम्पन्न हो गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष अनिल कुमार उपस्थित थे। अध्यक्षता जिला संघ चालक माननीय  मानसिंह आर्य ने की व मुख्य वक्ता के रूप में महेन्द्र सिंह मौजूद थे। एक सप्ताह के इस शिविर में कुल 50 स्वयं सेवको जिनमें कालेज व स्कूल विद्यार्थी, कर्मचारी व सामाजिक कार्यकर्ता व व्यवसायी शामिल थे, ने भाग लेकर नियुद्ध, योग, दण्ड, बौद्धिक,  सेवा कार्य व अन्य समाज व राष्ट्र उपयोगी कार्यो की दीक्षा ली। मौके पर उपस्थित स्वंय सेवकों व नागरिकों को सम्बोधित करते हुए महेन्द्र सिंह ने कहा कि सामने जो स्वयं सेवक उपस्थित है वह संघ का एक लघु रूप है और इसी प्रकार के लघु रूपों और कार्यो से मिलकर विराट रूप में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संगठन  समाज व राष्ट्र संगठन के कार्यो में लगा हुआ है।
उन्होंने कहा कि एक समय था जब अपना  देश विश्व गुरू कहा जाता था मगर काल चक्र के हाथों अपना देश पराधीन हो गया। पराधीनता की यह बेडिय़ा वर्षो-वर्षो तक हमें जकड़े रही। हम अपने स्वार्थो, अनेक प्रकार के भेदभावों, स्वाभिमान शून्यता आदि के कारण हम गुलाम बने रहे और आपस में लड़ते रहे। परिणाम स्वरूप हमारे धर्म, संस्कृति और परंपराओं पर कुठाराघात हुआ और हम काफी पिछड़ गए। स्वाधीनता आंदोलन के  दौरान डॉ. हेडगेवार ने इस बात को बहुत ही गम्भीरता से अनुभव किया कि हम देर सवेर आजादी पा ही लेंगे  पर आजादी अनवरत बनी रहे उसके लिए सामाज को संगठित व देश भक्ति की भावना से परिपूर्ण बनाना ही होगा। इसी उदेश्य को लेकर उन्होंने 91 वर्ष पूर्व संघ की स्थापना की। सिंह ने बताया कि आज संघ व इसके अनुशांगिक संगठन सेवा, स्वदेशी जागरण, उपभोक्ता क्षेत्र, श्रमिक क्षेत्र व सामाजिक जीवन के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में राष्ट्र भक्ति का भाव लेकर सामाज और राष्ट्र को जोडऩे का कार्य कर रहे है। उन्होंने सात दिनों तक प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके स्वयं सेवकों का आह्वान किया कि वह सात दिन की गहन राष्ट्र साधना की प्ररेणा लेकर जा रहे है। दीक्षित स्वयं सेवक राष्ट्र जागरण, सामाज सेवा और संगठन के कार्यो में तन, मन, धन से समर्पित होंगे ऐसी उनकी अपेक्षा है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि अनिल कुमार  ने कहा कि वह इन सात दिनों में स्वयं देखते रहे है कि स्वयं सेवक कितनी मेहनत, साधना और प्रतिबद्यता से शिक्षा-दीक्षा  ले रहे है। वह सभी के अनुशासन व ईमानदारी को देखकर बहुत प्रेरित है। उन्होने कहा कि ऐसे कार्यो के लिए विद्यालय उपलब्ध करवाना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

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