मनुष्य को जीओ और जीने दो के सिद्धांत पर करना चाहिए कार्य : प्रो. कुठियाल

भारतीय लोकतंत्र और मानवाधिकार विषय पर किया गया गोष्ठि का आयोजन
विश्व संवाद केंद्र, हरियाण।  पंचनंद शोध संस्थान अध्ययन केन्द्र यमुनानगर और मानवाधिकार शिक्षा प्रकोष्ट गुरू नानक खालसा कॉलेज द्वारा ‘भारतीय लोकतंत्र और मानवाधिकारÓ विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में संस्थान के राष्ट्रीय निदेशक, हरियाणा सरकार में उच्चतर शिक्षा समीक्षा समिति के अध्यक्ष एवं माखन लाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय भोपाल, मध्यप्रदेश के कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला उपस्थित रहे। गोष्ठी की अध्यक्षता डी.ए.वी. कॉलेज प्रबंध समिति, दिल्ली कार्यकारियणी के कोषाध्यक्ष व प्रख्यात शिक्षाविद डॉ. एम.सी. शर्मा ने की। प्रो. कुठियाला ने अपने संबोधन में कहा कि 84 लाख योनियों में मनुष्य योनि सबसे विशिष्ट व सबसे श्रेष्ठतम है। क्योंकि मनुष्यों में सोचने, समझने और विश£ेषण करने की और कल्पना करने की विलक्ष्ण प्रतिभा भी है। मनुष्य को यह सोचना चाहिए कि वह अपने कत्र्तव्यों द्वारा दूसरों के हितो व अधिकारों की रक्षा कैसे कर सकता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति का कत्र्तव्य है कि वह दूसरों के अधिकारों का सम्मान करते हुए उनके अधिकारों की रक्षा करे। जब समाज का हर व्यक्ति जीओ और जीने दो के सिद्धांत पर कार्य करेगा तो सबके मानवाधिकार भी सुरक्षित रहेेगे और विश्व की सबसे लोकप्रिय राजनैतिक व्यवस्था लोकतंत्र भी महफूज रहेगा। बढ़ते प्रदूषण पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि 10 प्रतिशत भोगवादी संस्कृति वाले

मुख्यातिथि को स्मृति चिह्न भेंट करते पदाधिकारी।

मनुष्यों ने 90 प्रतिशत लोगों को प्रदूषित वातावरण में रहने को मजबूर कर दिया है। यह भी लोकतंत्र व मानवाधिकारों का हनन है। उन्होंने आह्वान किया कि लोकतंत्र को प्रभावी व मानवाधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए हम सब को बेहद जागरूक होने की जरूरत है। गोष्ठी अध्यक्ष डॉ. एम.सी. शर्मा ने कहा कि हमे अपने धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करना चाहिए जो हमें जीने की कला, मानवाधिकार तथा जीओ व जीने दो का ज्ञान स्वंत ही सिखाते हैं। पंचनंद के अध्यक्ष सुरेशपाल ने आए हुए सभी मेहमानों का अभिनंदन किया और कहा कि लोकतंत्र और मानवाधिकारों की रक्षा तभी संभव है जब समाज के बुद्धिजीवी वर्ग की सक्रीय भागीदारी हो। सचिव डॉ. उदय भान सिंह ने मंच का संचालन किया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष डॉ. हेमंत मिश्रा, उपाध्यक्ष डॉ. रमेश शास्त्री, डॉ. बिंदु शर्मा, डॉ. कमल भारद्वाज, डॉ. संजीव गांधी, डॉ. अल्का शर्मा, मधुकर सेठी, नरेंद्र, दया सिंह, राजपाल सिंह, आर.एस. शर्मा, मनजीत कौर, अमरजोत कौर, प्रवीण लता भाटिया, डॉ. अनिल सवेरा, डॉ. लक्ष्मी गुप्ता व जिला के अनेक शिक्षा विद, प्राचार्य, प्राध्यापक तथा अन्य बुद्धिजीवी अच्छी संख्या उपस्थित रही।

कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य लोग।

 

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