मकर संक्रांति पर संघ ने दिया सामाजिक समरसता का सन्देश

विश्व संवाद केंद्र फरीदाबाद , सामाजिक समरसता का पर्व है मकर संक्रांति । जिस प्रकार गुड़ स्वयं को अग्नि पर तपाकर व गलाकर बिखरे हुए तिल के दानों को अपने साथ जोड़ लेता है और एक स्वादिष्ट व्यंजन का निर्माण करता है, ठीक उसी प्रकार हमें भी गुड़ की भूमिका निभानी है और स्वयं को तपाकर अपने सम्पूर्ण हिन्दू समाज को एकता के सूत्र में पिरोना है । उक्त विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-प्रांत बौद्धिक प्रमुख श्री गंगाशंकर मिश्र ने बुद्ध विहार स्थित आंबेडकर पार्क में आयोजित मकर संक्रांति उत्सव के अवसर पर व्यक्त किये । कार्यक्रम में गरीब और बेसहारा लोगों को 200 कम्बल भी वितरित किये गए । लगभग 1200 लोगों के बीच खिचड़ी वितरित की गयी ।
ज्ञात हो कि मकर संक्रांति पर्व संघ की शाखाओं पर मनाये जाने वाले छः उत्सवों ( वर्ष प्रतिपदा, हिन्दू साम्राज्य दिवस, गुरु पूर्णिमा, रक्षा बंधन, विजयादशमी एवं मकर संक्रांति ) में से एक है । संघ की सभी शाखाओं पर यह उत्सव मनाया जाता है । इस दिन संघ अपने अपने शाखा क्षेत्र की सेवा बस्तियों में जाकर सामाजिक समरसता के कार्यक्रमों का आयोजन करता है । फरीदाबाद महानगर पूर्व, फरीदाबाद महानगर पश्चिम तथा बल्लबगढ़ जिले में कुल मिलाकर 155  शाखाओं पर कार्यक्रम संपन्न हो चुके हैं शेष शाखाएं कल रविवार को मकर संक्रांति कार्यक्रम आयोजित करेंगी ।
गाँव सागरपुर में आयोजित कार्यक्रम में बल्लबगढ़ जिला संघचालक डा चंद्रशेखर ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि जब सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है और दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर प्रस्थान करता है,  जो अंधकार से प्रकाश की ओर तथा अशुभ से शुभ की ओर का संकेत है, तब मकर संक्रांति पर्व मनाया जाता है । इसलिए यह पर्व सूर्य की उपासना का पर्व भी है । दक्षिण में किसान इस दिन बैलों की पूजा भी करते हैं ।
गाँव चंदावली में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्र कल्याण यज्ञ का आयोजन किया गया । इस अवसर पर संघ के जिला प्रचार प्रमुख राजेंद्र गोयल ने कहा कि एक खगोलीय घटना पर आधारित यह पर्व देश के प्रत्येक भाग में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है । कहीं मकर संक्रांति के नाम से, कहीं बिहू के नाम से, कहीं माघी, कहीं खिचड़ी तो कहीं पोंगल के नाम से यह पर्व समूचे भारत में ही नहीं बल्कि नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार, थाईलैंड, कंबोडिया आदि अनेक देशों में मनाया जाता है । भागीरथ के प्रयासों से पृथ्वी पर अवतरित गंगा जी मकर संक्रांति के दिन ही गंगा सागर में मिलीं थी इसलिए गंगा सागर एवं अन्य पवित्र नदियों में स्नान कर खिचड़ी दान का इस दिन विशेष महत्व है ।
बी आर भाटिया जी, ओ पी धामा जी, ज्ञानेश कुमार जी, पूर्व असिस्टेंट कमांडेंट धर्मदेव राम जी, कर्नल समर सिंह जी, नवनिर्वाचित पार्षद मनमोहन गर्ग, संघ के सभी वरिष्ठ अधिकारियों सहित अनेक महिलाओं व समाज के अनेक गणमान्य नागरिकों ने मकर संक्रांति कार्यक्रमों में भाग लिया

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