भारतीय नव वर्ष के पीछे हैं कई वैज्ञानिक महत्व : राजेश

नव वर्ष के अवसर पर किया कार्यक्रम का आयोजन
जींद, विसंके। जिला अधिवक्ता परिषद द्वारा नववर्ष संवत 2074 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा व नवरात्रों के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर मुख्यमंत्री के निजी सचिव एवं अधिवक्ता परिषद के प्रांत पालक राजेश गोयल तथा एचएसएससी के सदस्य विजयपाल एडवोकेट ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर भाजपा के जिलाध्यक्ष अमरपाल राणा तथा अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के सदस्य अनिल कुमार एडवोकेट भी विशेष रूप से मौजूद रहे। इस अवसर पर हिंदू नव वर्ष के कैलेंडर का विमोचन भी किया गया।
मुख्यातिथि राजेश गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय नववर्ष के पीछे कई वैज्ञानिक महत्व हैं। चैत्र मास में चारों तरफ फूल खिल जाते हैं, पेड़ों पर नए पत्ते आ जाते हैं। चारो तरफ हरियाली मानो प्रकृति नया साल मना रही हो। मौसम में भी परिवर्तन इसी माह में

दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ करते मुख्यातिथि

आता है। गर्मी का आगमन होता है । जबकि दिसंबर जनवरी में ऐसा कुछ नहीं होता। जबकि मार्च-अप्रैल में स्कूलों का रिजल्ट आता है नई कक्षा सत्र की शुरूआत होती है। इसी प्रकार दिसंबर-जनबरी में कोई खातों की क्लोजिंग नहीं होती। जबकि 31 मार्च को बैंको की क्लोजिंग होती है,नए बही-खाते खोले जाते हंै। सरकार का भी नया सत्र शुरू होता है। इस प्रकार भारतीय नव वर्ष में कई प्रकार के परिवर्तन होते हैं, जबकि अंग्रेजी नव वर्ष में ऐसा कुछ नहीं होता। इस मौके पर कार्यक्रम में एडवोकेट दलबीर शर्मा, एडवोकेट अनिल लाठर, एडवोकेट जितेंद्र अत्री, एडवोकेट दीपक वशिष्ठ, मनोज शर्मा सहित काफी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य लोग

 

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