बच्चों को संस्कारित करना वक्त की जरूरत : प्रो. कुठियाला

हमें आत्म मूल्यांकन करते हुए अपनी समृद्ध संस्कृति की ओर लौटना होगा वापिस

विसंके, यमुनानगर। पंचनद शोध संस्थान अध्ययन केंद्र द्वारा विद्यार्थियों में बढ़ती हिंसात्मक प्रवृति विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डीएवी कन्या महाविद्यालय में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वद्यिालय भोपाल (मध्यप्रदेश) के कुलपति एवं संस्थान के राष्ट्रीय निदेशक प्रोफेसर बीके कुठियाला उपस्थित रहे।

उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि एकाध घटनाओं के चलते पूरी युवा पीढ़ी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। आवश्यकता इस बात की है कि हम युवाओं को सुने, उनके विचारों को जाने और उन्हें मार्गदर्शन दें। जब संवादहीनता की स्थिति पैदा होती है, तब युवा गलत रास्ते पर अग्रसर हो, गलत कदम उठा बैठता है। जैसा कि पिछले दिनों यमुनानगर के एक स्कूल में घटित हुआ। भारतीय संस्कृति और परंपराओं का उदाहरण देते हुए प्रोफेसर कुठियाला ने कहा कि जब तक भारतीय शिक्षा व्यवस्था में भारतीयता का प्रभाव रहा, तब तक गुरु-शिष्य के बीच बहुत ही प्रभावी और स्नेह भरे संबंध रहे। जैसे-जैसे शिक्षा पद्धाति से भारतीय सांस्कृतिक और जीवन मूल्यों का क्षरण शुरू हुआ, तब से गुरु-शिष्य संबंधों में कटूता पैदा हो गई। बात यहां तक पहुंच गई कि विद्यार्थी अपने गुरुओं को चाकू से मारने व घायल करने और जान से मार देने की पराकष्ठा तक पहुंच गया। किंतु फिर भी हम इसके लिए संपूर्ण युवा पीढ़ी को दोषी नहीं ठहरा सकते। इसके लिए हमें आत्म मूल्यांकन करते हुए अपनी समृद्ध संस्कृति की ओर वापिस लौटना होगा। इस अवसर पर डीएवी कॉलेज प्रबंध समिति नई दिल्ली के कोषाध्यक्ष डा. एमसी शर्मा ने भी पिछले दिनों यमुनानगर में हुए प्रिंसिपल हत्याकांड पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों को संस्कारित करना वक्त की जरूरत है। पंचनद यमुनानगर के अध्यक्ष सुरेश पाल ने अतिथियों का परिचय करवाते हुए पंचनद के बारे में जानकारी दी। तथा विषय के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। डीएवी कन्या महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्या डा. विभा गुप्ता ने कहा कि उनके कॉलेज में छात्राओं के लिए प्रतिदिन प्रार्थना व समय समय पर नैतिक उत्थान के लिए अनेकों आयोजन होते हैं। जिससे कि उनका आत्मिक, नैतिक और मानसिक विकास हो सकें। इस अवसर पर सामाजिक जीवन के विविध क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले गणमान्य नागरिकों के साथ-साथ महिलाएं और युवा भी उपस्थित थे। मंच संचालन गुरु नानक खालसा कॉलेज के जनसंचार एवं मीडिया विभागाध्यक्ष एवं पंचनद यमुनानगर सचिव डा. उदय भान सिंह ने किया। डा. उमेश प्रताप वत्स व कौशल श्रीवास्तव ने प्रेरणादायी गीत व कविता प्रस्तुत कर संपूर्ण वातावरण को उत्साहवर्धक बना दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रोफेसर कुठियाला को स्मृति चिंह भेंट कर सम्मानित किया गया।

 

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