बच्चों को नैतिक मूल्य देनें हैं तो अपना आचार-व्यवहार व विचार प्रेरणादायी बनाएं : बराडा

विसंके, यमुनानगर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा होली के पावन अवसर पर यमुनानगर में परिवार मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मे मुख्य वक्ता के रूप में हरियाणा प्रांत के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परिवार कुटुंब प्रबोधन प्रमुख अशोक बराडा उपस्थिति रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ज़िला यमुनानगर के सह-संघ चालक सेवाराम उपस्थिति रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन व भारत माता की आरती से हुआ। इस अवसर पर सामाजिक जीवन के विविध क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले गणमान्य नागरिक व उनके परिवार उपस्थिति रहे। इस अवसर पर देश भक्ति के गीत, भजन, खेल प्रतियोगिताएं, नृत्य व अन्य मन को छू लेने वाले साँस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
अशोक बराडा ने उपस्थित परिवारों का प्रबोधन करते हुए कहा कि जिस प्रकार से समय तेजी से बदल रहा है उसी तेजी के साथ हमारे पारिवारिक मूल्यों मे नकारात्मक बदलाव आए हैं जोकि चिंताजनक है। आज सूचना क्रांति के दौर में आवश्यकता इस बात की है कि हम सूचना व जनसंचार के माध्यमों का सही उपयोग करें तथा परिवार के सदस्यों को भी इस हेतु प्रेरित करें। घर के सभी सदस्यों के बीच परस्पर विश्वास व संचार का काम नियमित तौर पर होता रहे। पारिवारिक वातावरण ऐसा हो कि छोटे सहज ही बड़ों से बात कर सकें और बडे छोटों से खुलकर बात कर सकें। घर के छोटे और युवाओं को बड़े सही दिशा दे सकें। घर के बड़ों को भी अपना आचार-व्यवहार व विचार प्रेरणादायी बनाने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि घर व परिवारों के बड़ो को बच्चे अनुसरण करते हैं। घर के बड़े जब सुबह ज़ल्दी उठते हैं, सैर करते हैं, पूजा पाठ करते हैं और अपने महापुरुषों की परिवार के बीच चर्चा करते हैं तो उसका सीधा असर घर के सभी सदस्यों विशेषकर बच्चों पर पडता ही है। आज मोबाइल के दौर में बच्चों पर इसका असर ठीक नहीं हैं इसलिए मोबाइल के सही उपयोग को प्रेरित करें। ऐसी प्रेरणादायी स्थिति बने कि सब एक दूसरे के मोबाइल का उपयोग कर सकें व देख सुन सकें। कोई शक-संकोच व डर न रहे। अपने पर्व व त्योहारों को मिल कर मनाएंगे, मिल कर एक साथ भोजन करेंगे, भजन करेंगे, अपने पडोसियों से अच्छे व मधुर व्यवहार संबंध बनाएँ। उनके दु:ख-सुख मे साथ रहें। उन्होंने जोर देकर कहा कि परिवार मे एक-दूसरे के प्रति सहयोग व सम्मान का वातावरण बनाएं तधा एक आदर्श भारतीय परिवार बनाने की दिशा मे कार्य करें। आज भारत की रंग-बिरंगी सांस्कृतिक एकता के प्रतीक होलिकोत्सव मे यहीं संकल्प लें कि हम भारतीय संस्कृति के आदर्श रंगों से अपना परिवार संस्कारित करेंगे। यही होली का संदेश भी है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र गीत वंदेमातरम से हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अन्य अधिकारी, नागरिक,मातृशक्ति व बच्चे भी अच्छी-खासी मे उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में पारिवारिक सहभोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

editor1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *