पश्चिम बंगाल व केरल में हिन्दू समाज पर हो रहे अत्याचार

विसंके। पश्चिम बंगाल व केरल में जिहादी हिंसा द्वारा हिन्दू समाज पर हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध वोटों की क्षुद्र राजनीति से ऊपर उठकर राज्य सरकारें अपने संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करें तथा केंद्र सरकार भी राष्ट्रीय सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए राष्ट्र विरोधी जिहादी तत्वों के विरुद्ध दृढ़ता का परिचय देकर कार्यवाही सुनिश्चित करे । उक्त विचार मंगलवार को फरीदाबाद में सेक्टर 11 स्थित राजस्थान भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रान्त कार्यवाह डा. देवप्रसाद भारद्वाज ने व्यक्त किये । ज्ञात हो कि 19 से 21 मार्च को कोयम्बटूर ( तमिलनाडु ) में संपन्न हुई रा स्व संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक के बारे में विस्तृत जानकारी हेतु संघ द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया था ।

प्रेस को संबोधित करते हुए डा. भारद्वाज ने बताया कि अ. भा. प्र. सभा की बैठक में पश्चिम बंगाल में जिहादी तत्वों द्वारा और केरल में  मार्क्सवादी गुंडों द्वारा लगातार हिंदू समाज पर किये जा रहे आक्रमण पर गहरी चिंता व्यक्त की गयी । वहां की राज्य सरकारों द्वारा वोट बैंक की राजनीती के चलते राष्ट्रविरोधी तत्वों को प्रश्रय दिया जा रहा है । कट्टरपंथी मौलवियों द्वारा हिंसा को बढ़ावा देने वाले फतवे खुलेआम दिए जा रहे हैं । कालियाचक, मालदा, धौलागढ़, जुराननगर, वैष्णवनगर, खड़गपुर व मल्लारपुर आदि स्थानों पर जिहादियों द्वारा अनेक हिंदुओं की हत्याएं की जा चुकी हैं । कट्टरपंथियों के दवाब में सीमावर्ती क्षेत्रों से हिन्दू समाज बड़ी संख्या में पलायन करने को मजबूर हो रहा है । हिन्दू समाज के धार्मिक आयोजनों में बाधाएं खड़ी की जा रही हैं । हिन्दू महिलाओं एवं अनुसूचित जाति के लोगों पर अत्याचार बढ़ रहा है । पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा देशभक्ति का संस्कार देने वाले विद्यालयों को बंद करने की धमकी दी जा रही है । अनेक शिक्षण संस्थानों में प्रतिदिन होने वाली परम्परागत सरस्वती पूजा को भी बंद करवाने का प्रयास किया जा रहा है ।  इन राज्यों में हिन्दू जनसंख्या लगातार घटती जा रही है जो राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए एक गंभीर चेतावनी का संकेत है । पश्चिम बंगाल में 1951 की जनगणना के अनुसार हिन्दू जनसंख्या 78.45% थी जबकि 2011 की जनगणना के अनुसार यह घटकर 70.54 रह गयी है । वैचारिक एवं अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता की आड़ में मार्क्सवादियों द्वारा राष्ट्रविरोधी तत्वो का पोषण किया जा रहा है ।  इसके अतिरिक्त संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के विरुद्ध सितंबर मास में की गयी सर्जिकल स्ट्राइक जैसे साहसिक कार्य के लिए सेना को बधाई दी । कालाधन, जाली नोट व आतंकवादियों द्वारा धनशक्ति के बल पर निर्माण की जाने वाली समस्याओं के निदान की दिशा में सरकार द्वारा किये गए विमुद्रीकरण जैसे साहसिक निर्णय पर जनता द्वारा दिखाए गए अभूतपूर्व संयम एवं देशभक्ति की प्रशंशा की गयी । 15 फरवरी 2017 को एक साथ 104 सेटेलाइट अंतरिक्ष में स्थापित कर अंतरिक्ष विज्ञान जगत में इसरो द्वारा डंका बजाने व भारतवासियों के स्वाभिमान को बढ़ाने के लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी गयी ।  देशभर में गतवर्ष में संघ द्वारा किये गए रचनात्मक कार्यक्रमों जैसे  भारतमाता पूजन कार्यक्रम, मातृभूमि स्वरवन्दना, सामाजिक सदभावना सम्मलेन, प्रबुद्ध वर्ग गोष्ठी, राष्ट्र चेतना शिविर, सामाजिक समरसता सम्मलेन, महिला ग्राम विकास संगम, पथ संचलन, विराट हिन्दू सम्मलेन आदि कार्यक्रमों पर भी चर्चा की गयी । उन्होंने बताया कि देशभर में 2009 से 2017 के बीच 20000 से अधिक शाखाओं की वृद्धि हुई है जो यह दर्शाता है कि समाज संघ को आशाभरी नजरों से देख रहा है और समाज में संघ विचार की स्वीकार्यता बढ़ रही है । दैनिक शाखा जाने वाले व्यवसायियों में 90% युवा वर्ग से आते हैं । 1,70000 सेवा प्रकल्प पूरे देश में संघ की प्रेरणा से सेवा भारती के संचालन में चल रहे हैं । देश में 35000 विद्यालय विद्या भारती के माध्यम से चल रहे हैं । वनवासी क्षेत्रों व कश्मीर जैसे संवेदनशील व  दुर्गम क्षेत्रों में भी अनेकों एकल विद्यालयों के माध्यम से संघ विचार का विस्तार हो रहा है । हरियाणा में, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में गत वर्षों में संघ की शाखाएं तीव्र गति से बढ़ी हैं ।  इस अवसर पर संघ के प्रान्त सह बौद्धिक प्रमुख श्री गंगाशंकर मिश्र, विभाग प्रचार प्रमुख श्री सुभाष त्यागी, फरीदाबाद पश्चिम महानगर संघचालक श्री संजय अरोड़ा, फरीदाबाद पूर्व महानगर प्रचार प्रमुख जयपाल सिंह व बल्लबगढ़ जिला प्रचार प्रमुख राजेंद्र गोयल, सह जिला प्रचार प्रमुख महेश जी  भी उपस्थित थे ।

पत्रकारों को सम्बोधित करते संघ के प्रान्त कार्यवाह डा. देवप्रसाद भारद्वाज

प्रेस वार्ता में मौजूद पत्रकार

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