पश्चिम बंगाल में हिन्दू समाज की स्तिथि और दुखों पर प्रस्ताव किया जाये पारित

आरएसएस के सह सरकार्यवा श्री भाग्य जी ने कोयम्बटूर में राष्ट्रीय परिषद की बैठक के उद्घाटन के बाद प्रेस को संबोधित किया। प्रेस को संबोधित करते हुए उन्होंने पूरे देश में संघ शाखा की वर्द्धि पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया की पिछले 10 सालों में संघ का काम लगातार चरण से लगातार बढ़ रहा है। विस्तार के अलावा संघ कार्य का एकीकरण शुरू हो रहा है। पिछले साल प्राथमिक शिक्षा वर्ष में 1 लाख युवाओं ने पूरे देश में भाग लिया। पूरे देश में आयोजित 20 दिवसीय प्रशिक्षण शिविरों में 17500 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। देश भर में 4130 प्रशिक्षुओं ने दूसरे वर्ष क्षेत्रीय शिविरों में भाग लिया 973 प्रशिक्षुओं ने नागपुर के तीसरे वर्ष के प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया। 57233 शाखा, 14896 साप्ताहिक मिलन और 8226 मासिक मंडल पूरे देश में चल रहे हैं। स्वयंसेवकों द्वारा 19121 बस्ती में सेवा कार्य संचालित किये जा रहे हैं। राष्ट्रीय प्रतिनिधि सभा में  पारित होने वाले प्रस्ताव  पर उन्होंने कहा कि बंगाल में हिन्दुओं की स्थिति चिंताज्न्द है, हिंसा, लूट, हत्या और मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति अपने चरम पर है, प्रदेश की सरकारी मशीनरी और पुलिस हिन्दू तथा हिन्दू त्योहारों पर हो रहे हमलों को लेकर मूक दर्शक बने हुए हैं (पश्चिम बंगाल में हाल ही में ढूलागढ़ और क्लियाचक के हमले) | प्रतिनिधि सभा की बैठक में समाज को जागृत करने और सरकार से आग्रह करने के लिए, पश्चिम बंगाल में हिन्दू समाज की स्तिथि और दुखों पर प्रस्ताव पारित किया जाये|

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