नाटक के माध्यम से दर्शाई गुरु-शिष्य के रिश्ते की परम्परा

एकलव्य तीर्थ पर हुआ गुरूपूर्णिमा का भव्य सांस्कृतिक आयोजन

गुरूग्राम, विसंके। गुरूग्राम सांस्कृतिक गौरव समिति द्वारा खांण्डसा ग्राम में एकलव्य तीर्थ पर 9 जुलाई को गुरूपूर्णिमा पर्व के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गुरूद्रोणाचार्य-एकलव्य संवाद पर एक मार्मिक नाटय के मंचन के साथ गुरू-शिष्य परंम्परा पर भजन, कीर्तन व नृत्य से आयोजन स्थल भावविभोर हो गया।
गुरूग्राम सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष व हरियाणा कला परिषद् के निदेशक अजय सिहंल ने आयोजन समिति के सदस्यों के साथ मिलकर दीप प्रज्वलन करके कार्यक्रम का शुभारंम्भ किया। कार्यक्रम की संजोजिका शम्मी अहलावत ने मुख्य समाज सेवियों को सम्मानित किया। मंच का संचालन संस्कार भारती से  रामबहादुर सिंह ने किया। आयोजन स्थल पर गुरू-प्रसाद के रूप में भंण्डारे की भी व्यवस्था की गई। शहर भर से हजारों की संख्या में आए श्रदालुओं ने कार्यक्रम का आनंद लिया। संस्कार भारती से यशवंत शेखावत, सुधीर त्रिपुरारी, मिनाक्षी सक्सेना, उदीतेन्दु , सुधांशु सुतार, समाज सेवी श्रीपाल शर्मा , संदीप महलावत, अवधेश सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्षा मीनू शर्मा, भाजपा नेता विक्रम यादव, जयबीर सिहं राघव पूर्व सरपंच समेत काफी संख्या में गणमान्य लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे।

कार्यक्रम में प्रस्तुती देते कलाकार

कार्यक्रम के संचालन समिति के महामंन्त्री प्रियव्रत भारद्वाज ने बताया कि महाभारत कालीन इस स्थल को भव्यरूप देने के लिए 51 करोड़ रूपए की योजना है व जल्द ही इसे अम्लीजामा पहनाया जाएगा। समिति सदस्य रिंकु प्रधान ने कार्यक्रम में खांण्डसा गांव से शरीक हुए ग्रामीणों का आभार जताया।

कार्यक्रम में गुरु द्रोण और एकलव्य के किरदार का मंचन करते कलाकार

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