देश के नागरिकों को संगठित करना संघ का उद्देश्य

विसंके, यमुनानगर।  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस विजयादशमी के अवसर पर संघ के द्वारा शस्त्र पूजन व पथ संचलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पथ संचलन शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ मुख्य कार्यक्रम स्थल जिंदल पार्क सिटी सैंटर में सम्पन्न हुआ।
स्वयंसेवकों को सम्बोधित करते हुए अम्बाला विभाग कार्यवाह अमर सिंह ने कहा कि 1925 को विजयादशमी के दिन ही संघ की स्थापना आदि सरसंघ चालक डाक्टर केशवराव बलीराम हेडगेवार व उनके राष्ट्र भक्त मित्रों ने मिलकर की थी। उन्होंने बताया कि जिस समय हम परतंत्र थे उस समय चारों तरफ स्वाधीनता के लिए संघर्ष चल रहा था। मगर डाक्टर हेडगेवार इस बात को लेकर चिंतित थे कि जब देश आजाद हो जाएगा तब किस प्रकार से अपने । उन्हें तब ध्यान आया कि जब तक देश के नागरिक संगठित नहीं होगें, छुआ-छूत, विभिन्न प्रकार के भेदभाव, वैमनस्यता व उंच-नीच का भाव समाप्त नहीं होगा तक तक देश की स्वंतत्रता का कोई अर्थ नहीं। इस बात को लेकर उन्होंने व उनके सााथियों ने संघ की स्थापना की। आज संघ सामाजिक जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में बडे ही प्रभावपूर्ण तरीके से कार्य कर रहा है। उन्होंने उपस्थित स्वयं सेवकों का आह्वान किया कि सामाजिक समरस्ता का भाव ह्रदय में भरकर व पिछड़ी बस्तियों में चल रहे सेवा के कार्यों में योगदान दें। जो पिछड़ गए हैं उनको गले लगाकर समाज की मुख्य धारा में लाने का कार्य करें। उन्होंने कहा कि एक अक्तूबर से 15 अक्तूबर 2017 तक स्वदेशी जागरण का अभियान चलने वाला है। उसमें बढ़चढ़ कर भाग लें और समाज को स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग की पे्ररणा दें क्योंकि जब तक हम स्वदेशी की भावना से कार्य नहीं करेंगे अपना समाज और राष्ट्र समृद्ध और सशक्त नहीं बन पाएगा। दीपावली की दृष्टि से खासतौर पर चीन निर्मित वस्तुओं का प्रयोग बिल्कुृल न किया जाए, इसका प्रचार-प्रसार प्रभावी रूप से किया जाए। इस अवसर पर जिला सह सम्पर्क प्रमुख गौरव आर्य सहित संघ के अनेक दायित्वान कार्यकर्ता व स्वयं सेवक उपस्थित रहे।  

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