देश की सबसे बड़ी धरोहर होते हैं साहित्यकार व पत्रकार

पत्रकार सम्मान समारोह का किया आयोजन 
सिरसा, विसंके।  हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी एवं विश्व संवाद केंद्र हरियाणा तथा पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय द्वारा ब्रह्माण्ड के आदि पत्रकार देवर्षि नारद जी के जयंती के उपलक्ष्य में पत्रकार मिलन समारोह व संगोष्ठि का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य सूचना आयुक्त भूपेंद्र धर्माणी ने की तथा इस अवसर पर मुख्य वक्ता एंकर लोकसभा टीवी रामबीर श्रेष्ठ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती माँ व देवर्षि नारद जी के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
इस अवसर पर राज्य सूचना आयुक्त भूपेंद्र धर्माणी ने कहा कि यह बहुत ही शुभ अवसर है, जिसमें लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को आपस में मिलने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि पत्रकार शब्द एक व्याकरण का शब्द ही नहीं है बल्कि उनके दायित्व पर समाज चलता है। देश की सबसे बड़ी धरोहर साहित्यकार व पत्रकार होते हैं। उन्होंने कहा कि उनका जीवन भी पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ है। आज हर क्षेत्र में पत्रकारों को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। इसके साथ ही पत्रकारों का एक दायित्व की बनता है कि वे देश व समाज के लिए सकारात्मक सोच रखते हुए अच्छी खबरे छापे ताकि अधिक से अधिक नागरिक जागरूक होकर देश की भावनाओं से जुड़े। उन्होंने कहा कि व्यक्ति पद से बड़ा नहीं होता, बल्कि जो व्यक्ति पहले अपने देश व समाज के बारे में सोचें वही बड़ा माना जाता है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वे ऐसे ज्ञान के भण्डार को प्रकाशित करें जो समाज व देश हित में हो। उन्होंने कहा कि जीवन का एक ही उद्देश्य देश के लिए होना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता एंकर लोकसभा टीवी रामबीर श्रेष्ठ ने अपने सम्बोधन में कहा कि पत्रकारिता समाज के प्रति प्रतिबद्धता है और व्यक्ति में सवाल पूछने का जज्बा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि साधारण नागरिक भी पत्रकार बन सकता है। देश के सबसे बहतरीन पत्रकारों के पास भी पत्रकारिता की डिग्री नहीं होती फिर भी वे अपनी मेहनत व लग्न से अपने मुकाम पर पहुंच जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा कार्य नींद मे सोना नहीं है बल्कि सोते हुए को जगाना है। गलत कार्य करने वाले का जगाना है। उन्होंने कहा कि हमे सकारात्मक सोच के साथ लिखना व प्रसारित करना चाहिए जिससे समाज व राष्ट्र का भला हो। पत्रकारिता का एक ही उद्देश्य है की सतर्क रहे व अंधविश्वास को छोड़े। आज संवेदनशीलता की आवश्यता है। इन्सान आंकड़ों में बदल गया है, न्यूज देते समय जल्दबाजी न करें। उन्होंने कहा कि हम समाज के चौथे स्तम्भ हैं। पत्रकार जगत में अनेक समस्याएं आती है, संघर्ष के रास्ते से गुजरना पड़ता है लेकिन हमें देश व समाज के बारे में सोचते हुए पत्रकारिता को निभाते हुए अच्छी लेखनी लिखनी चाहिए जिससे समाज व राष्ट्र का निर्माण हो सके। इस मौके पर विशिष्ठ अतिथि निदेशक हरियाणा पंजाब साहित्य अकादमी अश्वीन कुमार गुप्ता, पंजाबी साहित्य अकादमी की सदस्य गुरप्रीत सैनी बाजवा ने भी विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर पर्यटन निगम हरियाणा के अध्यक्ष जगदीश चोपड़ा, रजिस्ट्रार सीडीएलयू प्रो आसीम मिगलानी, डा. दीप्ति धर्माणी सहित विभिन्न समाचार पत्रों के पत्रकारों को समृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्यातिथि के साथ मौजूद पत्रकार

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