देश की आजादी के लिए घुमंतू, अर्द्ध-घुमंतू व टपरीवास जातियों ने किए बहुत बलिदान

फुटपाथों पर रहने वाले 10000 बेघरों को नसीब होगी छत
कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने के लिए तहसील कार्यालयों में नियुक्त होंगे अंतोदय अधिकारी

विसंके, फतेहाबाद। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि घुमंतु, अद्र्ध-घुमंतु व टपरीवास जातियों का इतिहास गौरवमय रहा है। देश की आजादी में इन जातियों ने अपना अहम योगदान दिया है। इन जातियों के लोगों ने देश के लिए हर प्रकार के कष्ट सहे लेकिन कभी भी देश के साथ गद्दारी नहीं की। देश की आजादी के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर करने वाले इन जातियों के लोग आजादी के 70 वर्ष बाद भी गुमनामी का जीवन जीने को मजबूर हैं। इन जातियों को सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक व राजनीतिक रूप से मुख्यधारा में शामिल करने के लिए हरियाणा सरकार वचनबद्ध है। मुख्यमंत्री फतेहाबाद की नई
अनाज मंडी में विमुक्त, घुमंतु जाति कल्याण संघ एवं हरियाणा स्वर्ण जयंती समारोह के कार्यक्रमों के तहत 66वें राज्य स्तरीय विमुक्त दिवस समारोह में मुख्यातिथि के रूप में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने समाज के लोगों को राजनीतिक तौर पर सशक्त होते हुए जिला समाज कल्याण कार्यालय की योजनाओं, शगुन योजना, उज्ज्वला योजना, अंतर जातीय विवाह, मेधावी छात्र योजना, सिलाई प्रशिक्षण में बराबर की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री की इस पहल पर घुमंतु, अद्र्ध-घुमंतु जातियों के राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष दादा भीकु रामजी इदाते ने स्वागत करते हुए हरियाणा सरकार का धन्यवाद भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश के शहरों में फुटपाथों पर रह रहे लगभग 10000 बेघरों को प्रारंभिक सर्वे के तहत लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा घुमंतु, अद्र्ध-घुमंतु व टपरीवास जातियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए सभी तहसीलों कार्यालयों में अंतोदय अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। ऐसे कबीलों की कॉलोनियों में वोटर कार्ड, राशन कार्ड व आधार कार्ड बनाने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन करवाकर एलपीजी गैस कनैक्शन जारी करने, हिसार, करनाल व फतेहाबाद जिलों में विशेष नए छात्रवासों का निर्माण करवाने व अन्य जिलों में अनुसूचित जाति व पिछड़े वर्गों के लिए संचालित किए जा रहे छात्रवास में 25 प्रतिशत का आरक्षण घुमंतु परिवारों के छात्रों के लिए उपलब्ध करवाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में पानीपत में मनाए गए विमुक्त दिवस के अवसर पर उन्होंने घोषणा की थी कि घुमंतु जातियों के कल्याण के लिए बोर्ड का गठन किय जाएगा और 2016 में गठन कर दिया गया तथा सलाहकार समिति के अध्यक्ष राजीव जैन की कमेटी ने गत दिनों उनको रिपोर्ट सौपी है। कमेटी की सभी सिफारिशों पर हरियाणा सरकार गंभीरता से कार्य करेगी व इन सिफारिशों को लागू करेगी। इन सिफारिशों में पिछड़ा वर्ग में शामिल गाडिय़ा लोहार, शोरगर, बंजारा, गड़रिया, मठ, कंजर, सिंगीकार को अनुसूचित जाति में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1982 में जींद में विमुक्त टपरीवास छात्रावास स्थापित किया गया था, जिसके बेहतर परिणाम आये थे। प्रदेश के सभी जिलों में विमुक्त टपरीवास छात्रावास खोलने और आबादी बाहुल्य सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, अम्बाला, भिवानी, फरीदाबाद में प्राथमिकता के आधार में नये छात्रावास खोला जाना शामिल है। घुमंतु जातियों का स्वयं का धर्म भाई मानते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उपस्थित लोगों से अनुरोध किया कि वे अपने बच्चों को उच्चतर शिक्षा के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजना के तहत प्रदेश के सभी 22 जिलों में अनुसूचित जाति व पिछड़े वर्गों के छात्र-छात्राओं के लिए कुल 44 नये छात्रवासों का निर्माण करवाया जाएगा, जिनमें घुमंतु जातियों के बच्चों को भी समायोजित किया जाएगा। इसके अलावा पंचकूला में भवन निर्माण के लिए प्लाट भी आवंटित किए जाएंगे। बेघरों को घर देने की प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत घुमंतु जातियों के कुल 9920 बेघर परिवारों को आवास उपलब्ध करवाए जाएंगे, जिसमें केंद्र व राज्य सरकार सहयोग करेगी। बशर्तें है कि ऐसे परिवारों की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक न हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों में अगले दो वर्षों में 30000 मकान उपलब्ध करवाए जाएंगे। हरियाणा आवास बोर्ड द्वारा 15072 मकान अब तक उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा 30 अक्तूबर से 20 नवंबर तक मतदाता सूची बनाने का विशेष अभियान चलाया जाएगा, इसलिए 18 वर्ष से अधिक आयु के हर परिवार के सदस्य का मतदाता पहचान पत्र आप लोग बनवाएं। उन्होंने कहा कि राजीव जैन कमेटी की जोगी, जंगम, रैबर, मनियार और बंजारा जाति को टपरीवास जाति की श्रेणी में शामिल करने के लिए राज्य सरकार भारत सरकार को रिपोर्ट भेजेगी। गाडिया लुहार व शिकरीगर जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए सीआरआईआईडी (क्रीड) चंडीगढ़ की रिपोर्ट के आधार पर शामिल किया जाएगा। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि शिक्षा व विद्या के बिना कोई भी व्यक्ति या समाज तरक्की नहीं कर सकता। घुमंतु व अद्र्ध-घुमंतु जातियों के लोगों का पूर्व कीसरकारों ने केवल वोट बैंक के लिए इस्तेमाल किया। उनके कल्याण के लिए कुछ नहीं किया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने न केवल इन जातियों के कल्याण के लिए बोर्ड का गठन कर अध्यक्ष नियुक्त किया है, बल्कि राजीव जैन की अध्यक्षता में गठित सलाहकार समिति की अधिकांश सिफारिशों को लागू करने की पहल सरकार ने की है। उन्होंने कहा कि आजादी के 70 वर्ष व एक पार्टी विशेष द्वारा 60 वर्षों तक देश की सत्ता पर राज करने के बाद भी इन जातियों को अपराधी बनाकर इन्हें दबाकर रखने का कार्य किया गया, जबकि तीन वर्षों के केंद्र की नरेन्द्र मोदी की सरकार व प्रदेश में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार द्वारा किए गए कामों का विश£ेषण करे तो यह सच सामने आ जाएगा की कौन इन वर्गों के कल्याण के लिए गंभीर है। सूचना, जनसंपर्क, भाषा तथा शहरी स्थानीय निकाय विभागों की मंत्री कविता जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने घुमंतु जातियों के युवाओं को कोतवाल में रिपोर्ट करने व रजिस्टर-8 को समाप्त करने की घोषणा की थी और वर्ष 2016 में आदतन अपराध अधिनियम को समाप्त कर दिया गया है जो इस समाज के लोगों के लिए बड़ा तोहफा है। परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि घुमंतु व टपरीवास जातियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2022 तक सभी को आवास देने की योजना पर भी उनका विभाग कार्य कर रहा है। आने वाले तीन वर्षों में तीन लाख मकान बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम सब एक हैं। हरियाणा एक हरियाणवी एक के मूलमंत्र को व पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत पर चलते हुए सरकार कल्याणकारी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जंगम जाति की संख्या प्रदेश में केवल 8 या 10 हजार तक है। मुख्यमंत्री ने स्वयं इन जाति के लोगों के प्रति संज्ञान लिया है तो आप इस बात से ही अनुमान लगा सकते हैं कि सरकार हर वर्ग के लिए कार्य कर रही है। घुमंतु, अद्र्ध-घुमंतु जातियों के राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष दादा भीकु रामजी इदाते ने अपने संबोधन में कहा कि घुमंतु जातियों के लगभग 15 करोड़ जनसंख्या देश में है। वे तीन हजार से अधिक लोगों के साथ चर्चा कर चुके हैं, परन्तु किसी मुख्यमंत्री को आज तक इन जातियों के समारोह में उन्होंने नहीं देखा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आयोग ने सभी राज्यों को इन जातियों के लिए अलग से एक निदेशालय गठित करने का सुझाव दिया है। इसके अलावा जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में शिकायत निवारण समिति भी गठित करने के लिए सभी राज्यों के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को मराठी भाषा में फौलादी पुरूष बताते हुए कहा कि इन्होने अपना पूरा जीवन राष्ट्र सेवा को समर्पित किया है और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैंं। महाराष्ट्र में विमुक्त व अद्र्ध-घुमंतु जातियों के लिए सरकारी नौकरियों में 11 प्रतिशत के आरक्षण का प्रावधान है। अगर सभी राज्य सरकार प्रयास करे तो हर राज्य में ऐसा संभव हो सकता है।भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं टोहाना के विधायक सुभाष बराला ने कहा कि हरियाणा की विमुक्त, घुमन्तु, अद्र्ध-घुमन्तु एवं टपरीवास समुदायों के आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक विकास के लिए लिए प्रदेश सरकार ने शिक्षा एवं सर्विस सहित कई अन्य क्षेत्रों में ऐसी खास योजनाएं तैयार की हैं, जिनका लाभ जल्द ही वंचित समुदायों के लोगों को मिलना आरंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आज का राज्य स्तरीय मुक्ति दिवस सम्मेलन कई मामलों में एतिहासिक है। 70 साल के इतिहास में यह पहला अवसर है जब कोई मुख्यमंत्री इन समुदायों के कार्यक्रम में शामिल हुआ है और विमुक्त घुमंतु दिवस के उपलक्ष्य में सरकारी स्तर पर इस प्रकार का आयोजन करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बना है। बराला ने कहा कि हरियाणा सरकार ने विमुक्त, घुमन्तु, अद्र्ध-घुमन्तु एवं टपरीवास समुदाय के बच्चों के लिए प्री तथा पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति दिए जाने जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हंै। इसके अलावा इन समुदायों के बच्चों की निशुल्क कोचिंग व इनके रहने के लिए विभिन्न जिलों में हॉस्टल बनानए जा रहे हंै।इस अवसर पर अपने संबोधन में घुमंतु मामलों के सलाहकार समिति के चैयरमैन
राजीव जैन ने कहा कि देश में इन समुदायों की आबादी लगभग 15 करोड़ है, जिन्हें आजादी के 70 वर्षों के बाद भी इनके अधिकारों से वंचित रखा गया। इसके चलते ये समुदाय काफी दयनीय स्थिति में जीवन-यापन कर रहे हैं और विकास से कोसों दूर हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार विमुक्त घुमन्तू, डीनोटीफाइड और नौमेडिक ट्राइब्स को लेकर बनाए गए काले कानूनों को समाप्त कर रही है। हरियाणा प्रदेश ऐसा पहला प्रदेश बना है जिसने पूरे देश में विमुक्त-घुमंतु समुदायों के संबंध में आभ्यासिक अपराधी अधिनियम (हैबिच्यूअल ऑफेंडर एक्ट) को समाप्त करने की पहल की। इसके अतिरिक्त
हरियाणा सरकार ने अपने गठन के बाद विमुक्त-घुमंतु समुदायों को स्थायी तौर पर बसाने की पहल करने जैसे अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए है।
मुख्यमंत्री ने कहा तुम भी घुमंतु, मैं भी घुमंतु
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विमुक्ति दिवस सम्मेलन में पहुंचे समुदाय के लोगों से कहा कि जिस प्रकार तुम लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूम-घूम कर जीवन यापन करते हो, वैसा ही घुमंतु जीवन मेरा रहा है। उन्होंने खुद को घुमंतु समाज का धर्मभाई बताते हुए कहा कि मैं आपका दर्द और समस्याएं अच्छी तरह जानता हूं और इनका समाधान करवाना अपना दायित्व समझता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं 1980 से आज तक समाजसेवा के लिए देश के एक-स्थान से दूसरे स्थान तक घूमता रहा हूं। मुझे खुद से अलग न समझो। मैं भी अपने आपको आपकी ही तरह घुमंतु जाति का सदस्य समझता हूं और आपकी पीड़ा से वाकिफ हूं। उन्होंने कहा कि बेघर होकर कभी यहां, कभी वहां घूमने का दर्द क्या होता है, इसे मैं अच्छी प्रकार समझ सकता हूं। अब समय आ गया है कि ये भटकाव की जिंदगी छोड़कर जीवन में स्थायित्व लाया जाए। इसके लिए सरकार इन जातियों को वो सभी सुविधाएं देगी, जो देश-प्रदेश के अन्य आमजन को मिलती हैं। इनमें आवास, पहचान पत्र और अन्य सभी सुविधाएं शामिल हैं।

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