देशभर में पचास हजार शाखाओं में रोजाना आते लाखों स्वयंसेवक – विजय कुमार

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विश्व संवाद केंद्र, करनाल- आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के करनाल जिला द्वारा विजयदशमी उत्सव मनाया गया जिसमें स्वयंसेवकों ने लगभग 3 कि० मी० तक पथ संचलन किया । संघ के स्वयंसेवकों ने आज नये गणवेष यानि  पैन्ट में नगर में रूट मार्च किया । कार्यक्रम के प्रारम्भ में ध्वज लगाया गया । उसके बाद सामूहिक प्रार्थना की गयी । मंचासीन अधिकारियों में सह प्रान्त प्रचारक श्रीमान विजय कुमार, कुरूक्षेत्र विभाग संघचालक श्रीमान डॉ० गोपाल कृष्ण और जिला संघचालक श्रीमान डॉ० बी. के. ठाकुर का परिचय होने के बाद मुख्य वक़्ता के रूप में सह प्रान्त प्रचारक श्रीमान विजय जी का उद्बोधन हुआ ।

विजय कुमार जी ने बताया कि संघ की स्थापना 1925 में विजयदशमी के दिन डॉ० हेडगेवार द्वारा की गयी और उसके बाद संघ प्रत्येक वर्ष विजयदशमी के उत्सव को पथ संचलन निकालकर मनाता आया है । उसी परम्परा का निर्वहन करते हुए आज करनाल जिला के पथ संचलन का आयोजन किया जा रहा है । संघ लगभग 90 वर्षों से समाज में रहकर समाज को जोड़ने का काम करता आ रहा है । देशभर में संघ की लगभग 50000 शाखायें प्रतिदिन लगती हैं जिसमें लाखों स्वयंसेवक आते हैं । संघ के हर वर्ष विभिन्न प्रकार के वर्गों में लगभग सवा लाख स्वयंसेवक आते हैं जोकि इन प्रशिक्षण वर्गों में निपुण बनाये जाते हैं ।

उन्होंने आगे बताया कि संघ लगातार बड़े स्तर पर सामाजिक परिवर्तन के कार्यों में लगा हुआ है । संघ की पाँच प्रकार की गतिविधियाँ भी चल रही हैं जैसे कि सामाजिक समरसता, गौ सेवा संवर्धन, परिवार प्रबोधन, ग्राम विकास और धर्म जागरण हैं । हर वर्ष जीते-जीते रक्तदान और मरने के बाद नेत्रदान का भी आह्वान मंच से किया गया । भारत द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर पर सर्जीकल स्ट्राइक को भी उन्होंने भारत की पूर्व और पूर्ण तैयारी का अंग के रूप में देखा और कहा कि जो लोग देश में रहकर इस घटना को ग़लत ठहरा रहे हैं । उनकी बुद्धि पर तरस करने की आवश्यकता है । देश के लिए बड़े से बड़ा काम छोड़ा व किया जा सकता है परन्तु बड़े से बड़े काम के लिए देश को छोड़ा नही जा सकता । जो भारत का हित नही सोच सकते उन्हें इस भारतवर्ष की इस पावन धरती पर रहने का कोई अधिकार नही है ।

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इसके पश्चात् स्वयंसेवकों की वाहिनियाँ निकली जिसको की वर्गीकृत किया गया था । बाल स्वयंसेवक एक ग्रुप में, तरूण एक ग्रुप में, प्रौढ़ अलग ग्रुप में, कॉलेज स्टूडेंट्स अलग ग्रुप में, घोषवादक अलग अलग ग्रुप्स में एक साथ क़दम ताल ठोक कर पंक्तिबद्घ होकर अनुशासन में चलते चले गये । यातायात को किसी प्रकार की कठिनाई न हो इसका भी विशेष प्रबन्ध रखा गया था । संचलन का कार्यक्रम एस.डी सीनियर सेकंडरी स्कूल से शुरू हुआ और एक बड़ी परिक्रमा के उपरान्त वहीं पर आकार समापन हुआ । संचलन के समय नगर के राहगिरों द्वारा पूरा साथ दिया गया । कार्यक्रम के समापन पर एक गीत किया गया जिसके पश्चात् घरों से बनकर आया भोजन सभी ने संग बैठकर किया ।

 

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