देवर्षि नारद का जीवन विश्व कल्याण के प्रति समर्पित रहा : राजेश

विश्व संवाद केंद्र द्वारा देवर्षि नारद जयंती के उपलक्ष्य में

पत्रकार स्नेह मिलन समारोह व संगोष्ठी आयोजित

कैथल, विसंके। विश्व संवाद केंद्र कैथल द्वारा आदि पत्रकार देवर्षि नारद जयंती के उपलक्ष्य मेें जींद रोड स्थित एक होटल में पत्रकार स्नेह मिलन समारोह व संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय सामाजिक समरसता में मीडिया की भूमिका रही। कार्यक्रम में राजेश पानीपत प्रांत सचिव विश्व संवाद केंद्र हरियाणा ने मु य वक्ता के रूप में शिरकत की, जबकि कार्यक्रम अध्यक्षता नगर परिषद् के चेयरमैन यशपाल प्रजापति द्वारा की गई। इस अवसर यशपाल प्रजापति ने कहाकि देवर्षि नारद विश्व के पहले संवाददाता माने गए हैं। पौराणिककाल में देवर्षि नारद तीनों लोकों के समाचार परस्पर पहुंचाते थे और सभी को उनके आगमन का इंतजार रहता था। उन्होंने कहा कि मीडिया आदिकाल से अपना सामाजिक दायित्व निभाता चला आ रहा है। चाहे राज तंत्र रहा हो अथवा लोकतंत्र हर युग में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और समय के साथ-साथ मीडिया एक सशक्त माध्यम के रूप में उभरकर सामने आया है। आधुनिककाल में मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा गया है। उन्होंने कहा कि समाज के अन्य वर्गों के साथ-साथ मीडिया में भी कुछ बुराइयां आ गई हैं, जिन्हें आज दूर किए जाने की आवश्यकता है। देश में सामाजिक समरसता बनाए रखने में अपना योगदान देना मीडिया का दायित्व है। देश व समाज में जो कुरीतियों व सामाजिक बुराइयां पनप रही हैं, उनको दूर करने के लिए मीडिया को अपनी सशक्त भूमिका निभाए जाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राजेश पानीपत ने कहा कि सन् 1975 में जब देश में आपातकाल लागू हुआ, उस समय मीडिया की भूमिका चुनौती पूर्ण और जोखिम भरी हो गई। उस समय मीडिया को विपरीत व कठिन परिस्थितियों में कार्य करना पड़ा। उस समय देश में सच्चाई को दबाने वाला वातावरण बना हुआ था। ऐसे कठिन समय में मीडिया ने किसी न किसी प्रकार सच्चाई को उजागर करना जारी रखा। सच्चाई को सामने लाने की भूमिका को देखते हुए विश्व संवाद केंद्र की स्थापना की गई। इसी प्रकार जब अयोध्या मेें रामजन्म भूमि का मामला सामने आया और विवाद का विषय बना, उस समय भी विश्व संवाद केंद्र की आवश्यकता महसूस की गई। उन्होंने कहा कि हरियाणा में विश्व संवाद केंद्र पिछले 15 वर्षों से यदा-कदा सक्रिय रहा, किंतु पिछले 4-5 वर्षों से केंद्र पूर्ण रूप से गतिशील है। उन्होंने कहा कि यह केेंद्र मीडिया से जुड़े सभी बंधुओं के बीच रहते हुए उनसे तालमेल बनाकर कार्य करता चला आ रहा है। यह कोई यूनियन नहीं है, बल्कि पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्था है। उन्होंने कहा देवर्षि नारद पौराणिककाल के पत्रकार हैं। इन्हें विश्व का प्रथम संवाददाता माना गया है। उस समय देवर्षि नारद तीनों लोकों में विचरण करने वाले और संवाद पहुंचाने वाले व्यक्ति के रूप में स मानित हैं। उन्होंने कहा कि फिल्मों के माध्यम से देवर्षि नारद की छवि विकृत रूप में प्रस्तुत की गई है। जोकि उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि देवर्षि नारद की संवाद संप्रेषण में उनकी भूमिका को देखते हुए विश्व संवाद केंंद्र द्वारा उनके नाम पर कुछ कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि एक पत्रकार का जीवन चुनौती पूर्ण होता है। उसके बारे में समाज को पता लगना चाहिए कि एक पत्रकार किन परिस्थितियों में कार्य करता है। एक पत्रकार का जीवन देश व समाज के सामने आना चाहिए, ताकि लोग पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने वाले लोगोंं को भली-भांति जान सके और उनसे अपना जुड़ाव महसूस कर सके। उन्होंने कहा कि देवर्षि जी का जीवन विश्व कल्याण के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने स्वयं के हित-अहित की चिंता नहीं की। उनके जीवन का उद्देश्य विश्व की भलाई रहा। उन्होंने कहा कि आज देश में शिक्षण संस्थानों के माध्यम से जातिय एवं वैमनस्य का जहर घोला जा रहा है, जो देश व समाज के हित में नहीं है। उन्होंंने कहा कि ऐसी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों पर रोक लगाई जानी चाहिए।
इस अवसर पर दिनेश रहेजा, राणा बंसल अधिवक्ता, राजेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, प्रीतम, श्याम मंडी, मुनीष, हरीश व अनिल आहुजा आदि मौजूद रहे।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते मुख्य वक्ता राजेश कुमार

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