तथ्यों के आधार पर ही पत्रकारिता आगे बढे़गी : अनुराग पुनेठा

कुरुक्षेत्र, विसंके। समय के साथ पत्रकारिता के सामने बहुत सारी चुनौतियां है और इन चुनौतियों में पत्रकारों पर पहले से ज्यादा जिम्मेदारियां बढ़ी है। इसलिए पत्रकारों को तथ्यों के आधार पर पत्रकारिता करनी होगी जो तथ्यों के आधार पर पत्रकारिता करेगा वही आगे बढे़गा। ये कथन लोकसभा टीवी के वरिष्ठ एंकर अनुराग पुनेठा ने कहे। वह जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और भारत प्रकाशन, दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में राधा कृण्णन सदन में हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि जिस तरह पत्रकारिता करने का दौर बदला है उसी तरह से टीवी एंकरों के द्वारा सूचनाएं देने का भी दौर बदल रहा है लेकिन जिस गति से ये सब हो रहा है उससे ज्यादा गति से लोग उन पर विश्वास करना छोड़ रहे हैं। इसलिए जिस पत्रकार के पास समाचार के तथ्यों में मौलिकता होगी उसी का नाम आगे बढे़गा। इस अवसर पर संगोष्ठी के स्वागत भाषण में जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रौफेसर एसएस बूरा ने कहा कि हर वर्ष की भांति संस्थान हिंदी दिवस पर कार्यक्रम करता रहा है, इसी परम्परा को आगे बढ़ाने का यह एक प्रयास है। इसी प्रयास में हम फिर से एक बार हिंदी भाषा के बारे में विस्तार से विवेचन, गहन मंथन और उसकी प्रगति के बारे में अपने विद्यार्थियों के साथ सांझा करेंगे। उन्होने कहा कि हिंदी भाषा का वर्तमान समय में अर्थ के रूप में कैसे प्रयोग किया जाये इसके बारे में भावी पीढ़ी को सोचने की अति आवश्यकता है। उन्होने कहा कि हम किसी भी भाषा को मुख्य रूप से तीन अहम कार्यों के लिए प्रयोग में लाते हैं, जिसमे प्रथम संपर्क करने के लिए, दूसरा अपनी संस्कृति सांझा करने और उसे बचाने और तीसरा ज्ञान का उत्पादन करने में। तीनों ही रूपों में भाषा का अति महत्वपूर्ण योगदान हमारेें विकास में होता है और इसी विकास से हम स्वयं और समाज का विकास करते है। वर्तमान समय में हमने देखना है कि हिंदी की परम्परा को कैसे आगे बढ़ाये और दूसरी भाषाओं की तरह भी हम इस भाषा का प्रयोग अर्थ के रूप में करे। इस अवसर पर, हिंदू काॅलेज सोनीपत के पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर अशोक बतरा ने हिंदी के इतिहास और हिंदी पत्रकारिता में राष्ट्रीय जागरण में योगदान के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होने हिंदी की शुरूआत कैसे हुई और किन-किन महापुरूषों ने हिंदी के विकास के लिए कार्य किया। संगोष्ठी में उपस्थित विद्यार्थियों व प्राध्यापकों के बीच सांझा किये। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में जो जैसा है वैसे ही दिखना चाहिए उसमें किसी मिलावट का भाव नहीं दिखना चाहिए तभी संपूर्ण अर्थों में पत्रकारिता होगी। इस अवसर पर हिंदी पत्रिका पांचजन्य के संपादक हितेश चंद्र ने कहा कि पत्रकार राष्ट्र के नायक हैं क्योंकि पत्रकारों में ही अधिक राष्ट्र प्रेम भरा होता है। राष्ट्र भाव के बिना पत्रकारिता नहीं की जा सकती है। यह बात वर्तमान में भी चरितार्थ है  और देश के भूतकाल में भी चरितार्थ थी। इसलिए पत्रकारों को किसी स्थानिय या प्रदेशस्तरीय और राष्ट्रस्तीय का होने के बारे में नहीं सोचना चाहिए बल्कि उन्हें केवल समाचार की महता को ही प्रमुखता देनी चाहिए। समाचार की महता कल भी सार्थक थी और वर्तमान में भी है और आगे भी रहेगी। उन्होने कहा कि पत्रकार के लिए हर दिन परीक्षा का दिन होता है अगर किसी को हर दिन परीक्षा देनी है तो वही पत्रकार बने अन्यथा इस क्षेत्र में अपना समय बर्बाद ना करे। इस अवसर पर विमुक्त कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि हर पत्रकार को खोजी होना होगा जिस से वह समाचार के पीछे की विषयवस्तु से जानकारी हासिल कर समाज को उसके बारे में सही जानकारी दे सके| क्योंकि खोजी पत्रकार ही सही मायनो में पत्रकारिता को आगे बढ़ाता है। इस अवसर जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के विद्यार्थियों ने हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में भाषण प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया जिसने सिमरन, मुस्कान, राहुल, योगेद्र राव, अंगद सिंह, शक्ति सिंह, निहारिका, बलिंद्र, कृृण्णन कुमार, बसरा, वैष्णवी, अजय कुमार, तान्या, अंजलि जोशी, मंदीप और वंदना शामिल थी। भारत प्रकाशन के प्रंबंधक जितेंद्र मेहता ने भाषण प्रतियोगिता मे भाग लेने वाले विद्यार्थियों के परिणामों की घौषणा की जिनमें प्रथम स्थान बलविंद्र कुमार, द्वितीय स्थान कृृण्णन कुमार, तृृतीय स्थान निहारिका और अंजलि जोशी और वैष्णवी को सांत्वना पुरूस्कार दिया गया है। इस अवसर पर भारत प्रकाशन की तरफ से संस्थान के हर साल छह विद्यार्थियों को इंटर्नशिप करवाने की घोषणा भी की गई। कार्यक्रम का संचालन संस्थान के प्राध्यापक डाॅ बंसीलाल ने किया जिन्होने इस कार्यक्रम की रूपरेखा रखी थी। संस्थान की वरिष्ठ प्राध्यापिका डाॅ मधुदीप सिंह ने आये हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्थान के सभी प्राध्यापक जिनमें डाॅ. बिंदु शर्मा, डाॅ मधुदीप सिंह, रोमा सिंह, डाॅ अशोक कुमार, डाॅ बंसीलाल, डाॅ पी. कटारिया, रोशन मस्ताना, डाॅ तपेश किरण, डाॅ प्रदीप राय, राहुल अरोड़ा, मोनिका दुआ, अर्पणा, सुशील कुमार, सचिन वर्मा, राकेश कुमार, अमित कुमार, रितु, सुनिता, गौरव कुमार, डाॅ कुलदीप गैर शिक्षक कर्मचारीगण तकनीकी सहायक सतीश राणा, नमिता, प्रीति मेहरा, तकनीकी सहायक राजेश कुमार, दलविंद्र, लालजी, सतपाल, सहायक अनिल कुमार उपस्थित रहे|

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