जीरो बजट कृषि खेती अपनाकर करें बचत: कृषि मंत्री

निंगानिया विद्या मंदिर में जीरो बजट पर प्राकृतिक खेती की पांच दिवसीय वर्कशाॅप का आगाज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसानों की आय वर्ष 2022 तक दुगुनी करने के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पैरी एग्रीकल्चर अवधारणा दूसरे कृषि शिखर नेतृत्व का आयोजन करते हुए अब किसानों का रुझान प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ाने की पहल की है। इसकी शुरुआत गांव शहजानपुर स्थित निंगानिया विद्या मंदिर में जीरो बजट पर प्राकृतिक खेती की पांच दिवसीय वर्कशॉप से की गई है। हरियाणा के कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कार्यशाला में मुख्यातिथि के रूप में बोलते हुए हरियाणा सरकार के वीजन पर विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि इस पांच दिवसीय जीरो बजट प्राकृतिक कृषि कार्यशाला में देश के 11 उत्तरी राज्यों के किसान भाग ले रहे हैं। उन्होंने पद्मश्री सुभाष पोलकर के प्रयासों की सहराना की जिन्होंने प्राकृतिक खेती पर अच्छा खासा कार्य किया हैं। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से इस कार्यशाला में किसान पोलकर से प्राकृतिक कृषि विधियों के बारे में जानकारी ले सकेंगे। प्राकृतिक खेती के पीछे किसानों काे भय रहता है कि कहीं उत्पादन कम हो जाएं और फिर इसको बेचने का भी डर किसान के मन में रहता है। उन्होंने कहा कि किसान के इस भय को दूर करने के साथ साथ उसके उत्पादन के लिए मार्केट की व्यवस्था भी अति आवश्यक है। यदि यह सब करने में हम सक्षम होते है तो किसान अवश्य ही प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक होगा। उन्होंने कहा कि जीरो बजट कृषि खेती को अपनाकर हम काफी बचत कर सकते हैं। इस मौके पर सुभाष पोलकर ने कहा कि हम पश्चिमी सभ्यता को अंधाधुंध अपना रहे हैं जोकि एक चिंता का विषय हैं। रसायनिक खाद्यों से जहां हमारा वातावरण खराब हो रहा है वहीं हम काफी कुछ खो रहे हैं और इसे पुन: पाने के लिए हमें प्राकृतिक खेती की ओर जाना होगा। उन्होंने कहा कि देश में 82 प्रतिशत खेती वर्षा पर निर्भर करती हैं और हम प्राकृतिक खेती कर 90 प्रतिशत पानी बिजली की बचत कर सकते हैं। 

कार्यक्रम का शुभारम्भ करते कृषि मंत्री

editor1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *