जीएसटी है आजादी के बाद की सबसे बड़ी टैक्स क्रांति : सुरेश्पाल

जीएसटी भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति के लिए मील का पत्थर होगा साबित 
यमुनानगर, विसंके। पंचनंद शोध संस्थान यमुनानगर द्वारा वस्तु एवं सेवाकार (जीएसटी) विषय पर शहीद नवीन वैध राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मॉडन टाऊन के प्रांगण में संगौष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता सेवानिवृत आयकर अधिकारी एम.वी. बहल ने की।
संस्थान के जिला अध्यक्ष सुरेशपाल ने वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया कि देश के सबसे बड़े टैक्स बदलाव का यह पल 17 साल के इंतजार के बाद आया है और वर्तमान केन्द्र सरकार का सभी टैक्स को खत्म करके  जीएसटी लागू करना एक ऐतिहासिक फैसला है तथा आजादी के बाद सबसे बड़ी टैक्स (कर) क्रांति है। जो एक जुलाई से 29 राज्यों व 7 यूटी में लागू कर दिया गया है। उन्होंने वस्तु एवं सेवाकार अधिनियम के बारे में फैलाई जा रही भ्रांतियों के निराकरण करने के लिए अनेक उदाहरण प्रस्तुत किए तथा बताया कि वेट, एक्साईज, कस्टम, सेवा आदि सभी कर समाप्त कर केवल एक कर वस्तु एवं सेवाकार का भुगतान ग्राहक को समान खरीदते समय देना पड़ेगा। जीएसटी का आम आदमी पर पडऩे वो प्रभाव के सम्बंध में बताया कि इससे वस्तुओ की कीमत में कमी आएगी क्योकि वर्तमान में हमें लगभग अप्रत्यक्ष कर 30-35 प्रतिशत देना पड़ता है जो अब घट कर 5 प्रतिशत से 28 प्रतिशत रह जाएगा। टैक्स पर  टैक्स देने की कुप्रथा खत्म होगी, बाजार में मूल वस्तुओ एवं सेवाओं की प्रतिस्पर्धा में सुधार होगा जिससे जीएसटी में बढौतरी होगी। सरकार के पास टैक्स के रूप में अधिक धन आएगा जिसका प्रयोग देश के विकास के लिए होगा और कुल मिलाकर जीएसटी भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
संस्थानके कोषाध्यक्ष डॉ. हेमंत मिश्रा ने कहा कि जीएसटी तीन प्रकार से सीजीएसटी, एसजीएसटी, आईजीएसटी लागू किया जाएगा। इससे एक राष्ट्र, एक बाजार, एक टैक्स की अवधारणा का विकास होगा। पूर्ण प्रणाली में पारदर्शिता की कमी थी अब नई व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसका विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योकि उनकों इसकी जानकारी नही है। अत: उन्होंने सभी बुद्धिजीवी, देशप्रेमी, शिक्षाविदों, सी.ए. व अन्य जानकारों का आह्वान किया कि जीएसटी के बारे में लोगों को जागरूका करें, ताकि भ्रमित करने वाले लोगों के मंसुबे पूरे न हो और लोगों में देश हित के बारे में सोचने की प्रवृति का विकास हो। संस्थान के सरंक्षण डॉ. मामचंद शर्मा ने कहा कि जीएसटी से आम लोगों को लाभ मिलेगा तथा व्यापारियों को भी कई टैक्स भरने की परेशानियों से छुटकारा मिलेगा व अपना समान एक-दूसरे राज्य में आसानी से बेच सकेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि जम्मु-कश्मीर विधान सभा में भी जीएसटी पर अपनी सहमति दे दी है। संस्थान के महासचिव डॉ. उदयभान ने मंच संचालन किया एवं गोष्ठी में भाग लेने वाले सभी प्रति भागियों का धन्यवाद करते हुए आशा व्यक्त की कि सभी अपने-अपने क्षेत्र में जाकर लोगों को जीएसटी के बारे में जागृत करेंगे। इस अवसर पर डॉ. रमेश कुमार, मनजीत कौर, राजपाल, मधुकर, सतीश शर्मा, दिलबाग, डॉ. कमल कुमार, पीरथी सैनी, तेज प्रकाश व भिन्न व्यवसायों के लोगों ने भाग लिया।

संगोष्ठी में भाग लेते गणमान्य लोग।

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