जय जय कृष्ण की धून पर थिरके विदेशी कलाकारों के पांव

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विश्व संवाद केंद्र , कुरुक्षेत्र 8 दिसम्बर जय जय कृष्ण-जय जय कृष्ण…, तेरी लीला अपरम्पार की धून और गीत पर विदेशी कलाकारों के पांव थिरकते नजर आए। इन कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की बांसुरी की धूनें बजाकर ब्रहमसरोवर की सांस्कृतिक संध्या के पूरे माहौल को कृष्ण के रंग में रंग दिया। इस प्रस्तुती को कुरुक्षेत्र के पर्यटकों के लिए इंडो-कनेडियन ग्रुप ने विशेष तौर पर तैयार किया। इस प्रस्तुती के साथ ही निफा की तरफ से इंडो-एशियन कलाकारों ने भी भगवान श्रीकृष्ण की तमाम स्वरुपों को दिखाकर माहौल को कृष्णमय बनाने का काम किया।
पुरुषोतमपुरा बाग में सांस्कृतिक संध्या के कार्यक्रमों में वीरवार को देर सायं इंडो-कनेडियन ग्रुप की प्रस्तुती से कार्यक्रम का आगाज हुआ।
इंडो-कनेडियन ग्रुप के 20 से ज्यादा कलाकारों ने नृत्य, संगीत और कोरियोग्राफी से प्रकृति का एक ऐसा माहौल तैयार किया और इस प्रकृति से भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की लीलाओं से लेकर गीता ज्ञान के सार को दिखाकर दर्शकों आश्चर्यचकित कर दिया। इन विदेशी कलाकारों ने वृंदावन में भगवान श्रीकृष्ण की माखन चोरी, होली को प्रस्तुत करने के साथ-साथ कुरुक्षेत्र की कर्मभूमि पर दिए गए गीता उपदेशों को ओरीजनल म्यूजिक लिरिक्स के माध्यम से दिखाकर अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के माहौल को कृष्णमय बना दिया।
महोत्सव की इस सांस्कृतिक संध्या का आगाज सूत्रधार वैशाली ने देवकी-नंदन और वासुदेव के विवाह से किया। इसके साथ ही विदेशी कलाकारों ने डांस, कोरियोग्राफी और संगीत से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को दिखाकर सबका मन मोह लिया। इन कलाकारों ने लीलाओं के तुरंत बाद माखन चोर कृष्ण, वंृदावन की होली, ब्रह्मांड और द्रोपदी चीरहरण की प्रस्तुती और इस गीता ज्ञान के सार के जरिए पर्यटकों को अनूठा गीता ज्ञान देने का प्रयास किया तथा कृष्ण आरती के साथ इस सांस्कृतिक संध्या का समापन किया। इन कलाकारों की प्रस्तुती पर पर्यटकों ने तालियां बजाकर अभिवादन किया। इस कोरियोग्राफी का निर्देशन वैशाली और हेमंत ने किया। म्यूजिक के साथ-साथ तमाम गीत भी हेमंत द्वारा तैयार किए गए।
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इस सांस्कृतिक संध्या की अंतिम प्रस्तुती निफा की तरफ से इंडो-एशियन कलाकारों ने दी। इस प्रस्तुती में बेहद मनमोहक परिधान पहनकर विदेशी कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न स्वरुपों के दर्शन करवाएं और भगवान की तमाम लीलाओं को नृत्य और संगीत के जरिए प्रस्तुत कर दर्शकों की वाहवाही लूटी। निफा के अध्यक्ष प्रीतपाल पन्नू ने कहा कि महोत्सव के लिए विशेष तौर पर इस प्रस्तुती को तैयार किया गया।
वैशाली ने कहा कि कनाडा के बाद दूसरी बार कृष्ण के जन्म से लेकर गीता ज्ञान के सार की प्रस्तुती कुरुक्षेत्र की भूमि पर की गई है। इस प्रस्तुती में नए गीत, नया म्यूजिक और कोरियोग्राफी को शामिल किया गया। इस प्रस्तुती में तमाम कलाकार अंगे्रज है और अंग्रेजों ने भारतीय संस्कृति को धारण करते हुए भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को दिखाने का अनूठा प्रयास किया है। इस कार्यक्रम में सभी कलाकारों को प्रशासन की तरफ से स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। इस मौके पर विधायक सुभाष सुधा, विधायक डा. पवन सैनी, नप अध्यक्षा उमा सुधा, एडीसी धर्मवीर सिंह, एसडीएम नरेन्द्र पाल मलिक, सीईओ केडीबी डा. गौरव अंतिल, एसडीएम नरवाना डा. किरण सिंह सहित अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद थे।

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