गाँव के विकास के बिना देश व समाज का विकास सम्भव नहीं

सफीदों के हरिगढ़ में 150 वर्षों बाद हुआ सामूहिक हवन

युवाओं ने लिया गाँव को सुशिक्षित, स्वच्छ और स्वावलम्बी बनाने का संकल्प

जींद, विसंके। सफीदों हलके के हरिगढ़ गाँव में ग्राम विकास समिति के तत्वावधान में गाँव का जन्मोत्सव (ग्राम संस्कृती उत्सव) मनाया गया। कार्यक्रम के शुभारम्भ से पूर्व गाँव में स्थित दादा खेड़ा पर हवन किया गया। कार्यक्रम में प्रान्त के ग्राम विकास प्रमुख कुलदीप विशेष तौर पर मौजूद रहे। गाँव के सभी जातियों के बुजुर्ग कार्यक्रम में जजमान के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की मुख्य विशेषता यह रही कि हवन के लिए प्रत्येक घर से घी और चंदा एकत्रित किया गया। कार्यक्रम के शुभारम्भ से पूर्व गाँव में स्थित दादा खेड़ा पर हवन किया गया। हवन
के समापन पर गाँव के लिए अच्छे कार्य करने वाले को ग्राम गौरव से सम्मानित करने तथा सभी युवाओं ने गाँव को सुशिक्षित, स्वच्छ और स्वावलम्बी बनाने संकल्प लिया। इस अवसर पर गाँव में सार्वजनिक स्थानों पर त्रिवेनियाँ लगाई गई तथा खेल प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की गई, जिसमें बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं ने प्रतिभागिता की।
ग्राम विकास प्रमुख कुलदीप ने ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए बताया कि गाँव के विकास के बिना देश व समाज का विकास सम्भव नहीं है। इसलिए प्रत्येक ग्रामीण को गाँव के उत्थान में अपना सहयोग करना चाहिए। गाँव से छुआ-छूत जैसी कुरीति को भी ख़त्म करने की जरूरत है। ग्रामीणों ने बताया कि उनका गाँव 16 सितम्बर 1866  में बसा था जिस दिन गाँव बसा उस दिन गाँव में हवन हुआ था, उस दिन के बाद लगभग 150 वर्ष बाद आज गाँव में इस तरह का सामूहिक हवन हुआ है यह अपने आप में एक अनोखी बात है। इस अवसर पर गाँव में खेल प्रतियोगिताएँ भी आयोजित करवाई गई और हर घर में तुलसी के पौधे वितरित किये गए।

हवन में आहुति देते गाँव के गणमान्य लोग।

गाँव में सार्वजनिक स्थल पर त्रिवेणी लगाते युवा।

हवन में शामिल ग्रामीण।

गाँव में प्रसाद वितरित करते युवा।

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