शाखा में खेल-खेल में संस्कार सीखते हैं स्वयंसेवक – सुधीर

विश्व संवाद केंद्र, हरियाणा। जीवन के गंभीर रहस्य, ज्ञान, अनुसाशन और संस्कारों का संगम होते हैं खेल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा पर खेले जाने वाले खेलों के पीछे भी यही भाव छिपा होता है। खेल-खेल में देशभक्ति के भावों को जीवन में अपनाने की अनूठी पद्धति सघ शाखाओं ने विकसित की  है। उक्त विचार आज गाँव नीमका स्थित स्टेडियम में आयोजित “हरियाणा खेल संगम” के अवसर पर संघ के प्रांत प्रचारक सुधीर कुमार ने स्वयंसेवकों  संबोधित करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने बताया कि आज हरियाणा प्रांत में सभी सात विभागों में 7 स्थानों (फरीदाबाद, कैथल, झज्जर, गुरुग्राम, हिसार, सडोर, दादरी) पर इसी प्रकार खेल संगम कार्यक्रम आयोजित किये गए हैं । जिनमें हरियाणा के सभी खंडों और नगरों से कबड्डी व् खो-खो की टीमें आई थी। लगभग 4000 स्वयंसेवकों ने इन खेलो में भाग लिया। खंड और जिला स्तर पर विजेता टीमों ने इस विभाग स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया।

फरीदाबाद विभाग ( फरीदाबाद महानगर पश्चिम, फरीदाबाद महानगर पूर्व, बल्लबगढ़ जिला व पलवल जिला ) की कबड्डी व खो-खो की प्रतियोगिताओं का आयोजन नीमका गाँव में किया गया।  यहाँ कबड्डी की कनिष्ठ आयु वर्ग की 23 टीम, वरिष्ठ आयु वर्ग की 22 टीमें तथा खो खो की कुल 19 टीमों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में कुल संख्या 803 रही ।

किशोरावस्था में ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शूटिंग में अनेक मेडल जीत चुके फरीदाबाद के उभरते सितारे अनमोल जैन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अनमोल जैन ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि  खेल सदैव खेलभावना और सद्भावना के साथ ही खेला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि  शूटिंग के माध्यम से विश्वभर में अपने देश का नाम रोशन करना ही मेरा उद्देश्य है । उधर डी ए वी स्कूल गुरुग्राम में हरियाणा प्रान्त कार्यवाह देव प्रसाद ने 40 टीमो के प्रतियोगियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय पारंपरिक खेलो से सादगी अनुशासन व चरित्र का निर्माण होता है। खेलो से परस्पर स्नेह व अपनी सात्विक शक्ति से जीतने की परंपरा बनती है। उन्होंने बताया कि संघ विगत 90 वर्षों से खेलो के माध्यम से समाज निर्माण हेतू समर्पित स्वयंसेवको का निर्माण करता है। युवाओं को चरित्रवान बनाने के लिए उन्हें जहाँ भारतीय चिंतन से अवगत कराया जाता है वही भारतीय पारम्परिक खेलो के माध्यम से मातृभूमि के प्रति समर्पण भाव को जागृत किया जाता है। इसी उद्देश्य को लेकर संघ में खेल संगम जैसे कार्यक्रमो का आयोजन किया जाता है।

खो-खो प्रतियोगिता में भाग लेते खिलाडी

 

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