कोई भी दुश्मन देश भारत का बाल भी बांका नहीं कर सकता

समरस गंगा महोत्स के माता-बहन, संत, पूर्व सैनिक व शहीदों के परिवार बने गवाह

पलवल, विसंके। मेजर जनरल जी.डी. बख्शी ने कहा कि भारत ने युद्ध में पाकिस्तान के दो टुकड़े किए थे। अगर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है तो हमारी युवा पीढी़ अबकी बार उसके चार टुकड़े करके आए। मेजर जर्नल जी.डी. बख्सी नेताजी सुभाश चन्द्र बोस स्टेडियम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित समरस गंगा महोत्स के अवसर पर शहीद सैनिक परिवारों, पूर्व सैनिकों के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। समरस गंगा महोत्सव कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोगों ने देश के शहीदों को नमन किया। इस आयोजन की भव्यता देखते ही बन रही थी। हजारों की संख्या में माता-बहनें और समाज के लोगों ने कार्यक्रम की शोभा बढाई। इस महोत्सव में जिले के 42 शहीद सैनिकों के गांवों की रज को कलश में भरकर रथ यात्रा द्वारा ढोल नगाड़ों के साथ नेताजी सुभाष चंद स्टेडियम में निर्मित भारत माता के मंदिर में लाकर सरयू नदी के जल के द्वारा मंत्रों उच्चारण के साथ पूजन किया गया। पूजन में इलाके के संत समाज व पुजारियों ने अपनी सहभागिता निभाई। जिलेभर में हजारों महिलाएं कलश यात्रा लेकर आयोजन स्थल पर पहुंची। भारत माता के जयघोश के साथ पूर्व सैनिक अपनी वर्दी में मैडल सहित तैयार होकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। महोत्सव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे सामाजिक संस्थान, विद्यार्थी, पूर्व सैनिकों एवं शहीद सैनिक के परिवारों पूर्ण योगदान रहा। इस महोत्सव में ना केवल शहीद परिवारों को ब्लकि समाज को विशेष योगदान देने वाले महान विभूतियों को भी मुख्य अतिथि मेजर जनरल जी.डी. बख्शी द्वारा सम्मानित किया गया। ताकि उनकी प्रेरणा लेकर नई पीढ़ी भी समाज हित के बारे में सोचें और समाज हित के लिए कार्य करें।

उन्होंने कहा कि हमारे देश की 1.3 अरब आबादी में से 50 प्रतिशत 25 साल से कम उम्र के युवा हैं। अगर वह एकजुट हो जाएं तो कोई भी दुश्मन देश भारत का बालबांका भी नहीं कर सकता। पाकिस्तान की मानसिकता पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि न केवल भारत बल्कि दुनिया को इस विषय पर सोचना होगा। उन्होंने कहा कि आजादी के लिए आजाद हिन्द फौज के 60 हजार सैनिकों ने जान हथेली पर रखकर हुए युद्ध में 23 हजार सैनिकों की कुर्बानी के साथ लड़ाई लड़ी थी, तब ही देश को आजादी मिली थी। उन्होंने कहा कि आजाद हिन्द फौज के पूर्व सैनिकों व शहीद सैनिकों के परिवारों को भी उचित सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने गत दिनों जाधव के परिजनों के साथ पाकिस्तान द्वारा किए गए बर्ताव की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान द्वारा किया गया जाधव के प्रति मानसिक टार्चर था।  इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव महाराज ने अपने सम्बोधन में कहा कि सुभाश चन्द्र बोस ने तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा का नारा दिया था। जबकि आज हमें खून की नहीं देश हित के लिए युवा पीढ़ी के पसीने की आवश्यकता है। पाकिस्तान जेल में बन्द जाधव से मिलने गये उनके परिजनों के साथ हुए दुर्व्यवहार के मामले पर बोलते हुए उन्होंने राम प्रसाद बिस्मिल का उदाहरण देते हुए कहा कि पाकिस्तान ने अंग्रेजों को भी पीछे छोड़ दिया। इस अवसर पर पटौदीे पंचनाद स्मारक समिति के संस्थापक महामडेश्वर स्वामी धर्मदेव महाराज, उतराखण्ड से महामडेलश्वर स्वामी किशोर दास महाराज, अयोध्या से संदीप दास महाराज, पंचवटी मन्दिर पलवल से स्वामी कामतादास महाराज ने भी अपने विचार व्यक्ति किए। इस अवसर पर फलहारी बाबा, ऋशि महाराज पलवल गुरूद्वारा के ज्ञानी सतनाम सिंह, उत्तर क्षेत्र प्रचारक रामेश्वर दास, उत्तर क्षेत्र कार्यवाह प्रो सीताराम व्यास, प्रांत कार्यवाह देव प्रसाद भारद्वाज, गंगा सागर, राकेश त्यागी, जिला संघचालक देशभक्त आर्य, समरस गंगा आयोजन समिति के प्रचार प्रमुख विष्णु चौहान, जिला कार्यवाह वेद प्रकाश, प्रवीन गर्ग, प्रवीन ग्रोवर, सतवीर सिंह, कर्नल समर सिंह, कर्नल दयाराम, कैप्टन बी एस पोसवाल, अतुल मंगला, पंकज कुमार, अनिल कुमार सहित सैकडों कार्यकर्ताओं सहित हजारों की संख्या में समाज के लोग, सामाजिक, धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

भगवा रंग में रंगा शहर 

नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में आयोजित इस महोत्सव में दो पूर्ण रुप से सुसज्जित स्वागत द्वार बनाए गए थे। पांच स्थानों पर पार्किंग स्थल पर आगंतुकों व रथ यात्रा का स्वागत किया गया। शहर के मुख्य चौराहे बस स्टैंड, किठवाड़ी चौक, मेन मार्केट, कमेटी चौक व आगरा चौक को भगवा रंग की झंडियों से सुसज्जित किया गया था। कार्यक्रम स्थल पर 4 मंच बनाए गए। जिनमें एक मंच पर शहीद सैनिकों के परिवारों को जबकि दूसरे मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम तीसरे मंच पर संत और सैनिक व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उच्च अधिकारी विराजमान थे। इस महोत्सव में 298 गांव से कलश लेकर पांच रथ ढोल नगाड़ों के साथ महोत्सव स्थल पर पहुंचे। इस अवसर पर कान्हा दादा की पालकी लेकर आए लोगों मेें बहुत उत्साह था। दादा कान्हा की पालकी लेकर आते समय वंदेमातरम और भारत माता की जय के नारों के साथ जयघोश करते हुए प्रांगण में पहुंचे।

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