किसान संघ ने मांगे नही मानने पर दी आन्दोलन की चेतावनी 

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विश्व संवाद केंद्र सोनीपत राई, केजीपी के निर्माण कार्य शुरू होने से पूर्व प्रशासन द्वारा किसानों की समस्याओं के समाधान के दिए आश्वासन के बाद मांगें पूरी नहीं होने से परेशान किसानों ने भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों के नेतृत्व में रविवार को मनोली गांव में एक महापंचायत की और केजीपी के निर्माण कार्य को रोकने की चेतावनी दी। काम रोकने की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार छोटूराम ने उनकी समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। किसानों ने प्रशासन को अपनी समस्या के समाधान के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। किसानों का कहना था कि केजीपी निर्माण कार्य करने वाली कंपनियां किसानों की अनदेखी कर रही है, और किसानों के खेतों को जाने वाले रास्ते बंद किये जा रहे, अगर सरकार हमारी मांगें जल्द से जल्द नहीं मानी जाएगी तो सभी किसान केजीपी का निर्माण कार्य बन्द करवा देंगे और अपनी मांगें पूरी करवाने के लिए किसान कोई भी कदम उठाने को तैयार है। किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम सिंह चोहान ने कहा कि ईस्टर्न पेरिफिरल एक्सप्रेसवे में जिन मुदों पर 19 अप्रैल 2016 को सरकार ने सहमति जताई थी वे अब उससे पीछे हट रहे हैं। वे छोटे और संकीर्ण अंडर पास छोड़ रहे हैं और किसानों के कहने के बावजूद नहीं मान रहे हैं। जिन किसानों के खेतों के रास्ते बंद हो रहे है उन खेतों के रास्ते देने की बात स्वीकारी गई थी मगर अब हाईवे निर्माण एजेंसी उसको मना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने बैठक के तीन माह बाद भी आज भी बढ़ी हुई मुआवजा राशि नहीं दी गई है। जिससे सरकार के रवैये से किसान नाराज हैं। उन्होंने चेताया कि अगर उनकी मांगे नही मानी गई तो और दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। महापंचायत में क्षेत्र के काफी संख्या में किसान मौजूद थे,
किसान संघ के प्रदेश महामंत्री विरेन्द्र दहिया ने कहा कि भारतीय किसान संघ फसल बीमा को भी एक अछी शुरुआत मानता है, मगर उसमे किसान संगठनों की राय न लेने के कारण कुछ त्रुटी रह गई है, उसमें गांव को एक यूनिट न मानकर, एक एकड़ को यूनिट बनाना चाहिए।

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