एक स्वयंसेवक को होना चाहिए सर्वगुण संपन्न

तीन दिवसीय बाल शिविर का किया आयोजन
रोहतक। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा मकड़ोली गांव स्थित शिक्षा भारती विद्यालय में तीन दिवसीय बाल शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छठी से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। शिविर में १५ स्थानों से 88 शिक्षार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान बाल स्वयंसेवकों को मानसिक व शारीरिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए भिन्न-भिन्न तरह की खेलकूद व बौद्धिक विषयों पर प्रतियोगिताएं करवाई गई।
विभाग प्रचारक राजेश जी ने बाल स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए बताया कि इस तरह के शिविरों के आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों की गुणवत्ता को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि एक सच्चे स्वयंसेवक को सर्वगुण संपन्न होना चाहिए। जब तक स्वयंसेवक सर्वगुण संपन्न नहीं होगा तब तक वह समाज परिवर्तन करने में सक्षम नहीं हो पाएगा। समाज को सही दिशा देने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। स्वयंसेवकों को समाजसेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए। हमें कभी यह नहीं सोचना चाहिए कि समाज ने हमें क्या दिया है, बल्कि हमें यह सोचना चाहिए कि हमने समाज को क्या दिया है। समाज में परिवर्तन लाने के लिए सबसे पहले शुरूआत हमें अपने आप से करनी होगी। इस दौरान स्वयंसेवकों ने रंगोली प्रतियोगिता, चित्र पहचानों, ध्वज मंडल, साज-सज्जा, प्रश्रोत्तरी प्रतियोगिता, मंडल खो, रस्सा-कशी, सतत व्यायम, बड़ा खेल, किला फतेह इत्यादि खेल भी क

शिविर में मौजूद स्वयंसेवक

चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेते स्वयंसेवक

रवाए गए।

शिविर के दौरान खेल प्रतियोगिता में भाग लेते बल स्वयंसेवक

शिविर में ध्वज मण्डल बनाते स्वयंसेवक

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